संजय निषाद का हिजाब पर विवादित बयान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विवादास्पद बयान ने हलचल मचा दी है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने हिजाब पर टिप्पणी करते हुए कहा कि IAS अधिकारी का रैंप वॉक सुपरहिट है। उन्होंने गुड्डू बमबाज जैसे अपराधियों का पता लगाने के लिए ‘बाहुबली’ फिल्म का जिक्र किया। 17 दिसंबर 2025 को दिए इस बयान ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। संजय निषाद ने एक कार्यक्रम में हिजाब पहनने वाली महिलाओं पर टिप्पणी की और IAS अधिकारी के रैंप वॉक का उदाहरण दिया। बयान में व्यंग्य था या गंभीरता, यह बहस का विषय बन गया है। विपक्ष ने इसे महिलाओं का अपमान बताया, जबकि समर्थक इसे मजाक कह रहे हैं। यह बयान यूपी में महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर रहा है।
बयान की पूरी डिटेल्स: हिजाब और रैंप वॉक पर टिप्पणी
संजय निषाद ने एक कार्यक्रम में कहा कि हिजाब पर बहस करने वाले लोग IAS अधिकारी का रैंप वॉक देखें, जो सुपरहिट है। उन्होंने व्यंग्य किया कि हिजाब में क्या समस्या है। बयान में गुड्डू बमबाज जैसे अपराधियों का पता लगाने के लिए ‘बाहुबली’ फिल्म का उदाहरण दिया। निषाद ने कहा कि अपराधी छिपे हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। यह बयान वीडियो में वायरल हो गया।
IAS मैडम का रैंप वॉक: क्या है बैकग्राउंड
हाल ही में एक IAS अधिकारी का रैंप वॉक वीडियो वायरल हुआ था। अधिकारी ने ट्रेडिशनल ड्रेस में रैंप वॉक किया, जो सोशल मीडिया पर सुपरहिट हो गया। संजय निषाद ने इसी का जिक्र कर हिजाब पर बहस करने वालों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि रैंप वॉक को सराहना मिलती है, लेकिन हिजाब पर सवाल उठते हैं।
गुड्डू बमबाज का जिक्र: अपराध और व्यंग्य
संजय निषाद ने गुड्डू बमबाज जैसे अपराधियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अपराधी छिपे हैं, उनका पता ‘बाहुबली’ से पूछो। यह व्यंग्य कानून व्यवस्था पर था या अपराधियों की तलाश पर, बहस है। गुड्डू बमबाज जैसे नाम यूपी में चर्चित अपराधी हैं।
प्रतिक्रियाएं: विपक्ष का हमला, समर्थक का बचाव
विपक्ष ने बयान की निंदा की:
- कांग्रेस ने कहा, “महिलाओं का अपमान।”
- सपा ने कहा, “धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला।”
समर्थक ने कहा, “यह व्यंग्य था, गंभीरता से न लें।” सोशल मीडिया पर #SanjayNishadStatement ट्रेंड।
राजनीतिक प्रभाव: 2027 चुनाव से पहले विवाद
यह बयान 2027 चुनाव से पहले हलचल पैदा करेगा। मुख्य प्रभाव:
- निषाद समाज पर असर।
- महिलाओं और अल्पसंख्यक वोट।
- NDA गठबंधन में चर्चा।
- विपक्ष को हमला का मौका।
विशेषज्ञों ने कहा, “बयान से नुकसान हो सकता है।”