लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के संविदा ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए नया साल खुशियों भरा लाया है। ETV भारत और TV9 हिंदी की 10 जनवरी 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, योगी सरकार ने उनके पारिश्रमिक में वृद्धि का फैसला लिया है। संविदा ड्राइवरों को प्रति किलोमीटर 17 पैसे और कंडक्टरों को 13 पैसे की बढ़ोतरी होगी। यह आदेश 1 जनवरी 2025 से प्रभावी है, जिससे 35 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में ड्राइवरों को 1.89 रुपये प्रति किमी मिलता था, जो अब 2.06 रुपये हो जाएगा। कंडक्टरों का 1.89 से बढ़कर 2.02 रुपये प्रति किमी होगा। यह फैसला कर्मचारी यूनियनों की मांग पर लिया गया, जो भर्ती में कमी का कारण बता रही थी।
वेतन वृद्धि का पूरा विवरण: ड्राइवरों को 9%, कंडक्टरों को 7% बढ़ोतरी
UPSRTC के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने 10 जनवरी को आदेश जारी किया। मुख्य बिंदु:
- ड्राइवरों का पारिश्रमिक: 1.89 से बढ़कर 2.06 रुपये प्रति किमी (17 पैसे वृद्धि, 9% बढ़ोतरी)।
- कंडक्टरों का पारिश्रमिक: 1.89 से बढ़कर 2.02 रुपये प्रति किमी (13 पैसे वृद्धि, 7% बढ़ोतरी)।
- लागू तिथि: 1 जनवरी 2025 से बैकडेटेड भुगतान।
- प्रभावित कर्मचारी: 17 हजार ड्राइवर और 18 हजार कंडक्टर, कुल 35 हजार संविदा कर्मचारी।
- प्रोत्साहन योजना: उत्तम श्रेणी के ड्राइवर-कंडक्टरों को अतिरिक्त 933 रुपये मासिक इंसेंटिव।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, “यह फैसला कर्मचारियों की लंबी मांग पर लिया गया। कम वेतन से भर्ती प्रभावित हो रही थी, अब नई भर्तियां बढ़ेंगी।” यूनियन प्रदेश महामंत्री कन्हैया लाल पांडेय ने स्वागत किया, लेकिन कंडक्टरों को 2% कम बढ़ोतरी पर असंतोष जताया।
वृद्धि का कारण: यूनियनों की मांग और भर्ती की कमी
UPSRTC में संविदा कर्मचारियों की संख्या घट रही थी, क्योंकि अन्य राज्यों में वेतन ज्यादा (महाराष्ट्र में 3 रुपये प्रति किमी)। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अगस्त और दिसंबर 2024 में वार्ता की। GM कार्मिक अशोक कुमार ने कहा, “यह बढ़ोतरी बस संचालन को बेहतर बनाएगी।”
प्रदेशभर में 115 डिपो हैं, जहां रोज 1.8 मिलियन यात्री सफर करते हैं। वृद्धि से मासिक 750-3000 रुपये अतिरिक्त आय होगी।
कर्मचारियों पर प्रभाव: भर्ती बढ़ेगी, सेवा बेहतर होगी
- आर्थिक लाभ: औसतन 66,000 किमी सालाना चलाने पर ड्राइवर को 11,220 रुपये अतिरिक्त सालाना।
- भर्ती: कम वेतन से 20% पद खाली थे, अब नई भर्तियां होंगी।
- सेवा: ड्राइवर-कंडक्टरों का मनोबल बढ़ेगा, बसें समय पर चलेंगी। कर्मचारी यूनियन ने कहा, “यह तोहफा है, लेकिन कंडक्टरों को और बढ़ोतरी चाहिए।”
रोडवेज की चुनौतियां: वृद्धि से समाधान की उम्मीद
UPSRTC में 4.1 मिलियन किमी रोजाना बसें चलाती हैं। चुनौतियां:
- पुरानी बसें, रखरखाव खर्च।
- संविदा कर्मचारियों की असुरक्षा।
- अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा। वृद्धि से सेवा बेहतर होगी।