गोरखपुर की लंबी समस्या का समाधान: जलनिकासी पर करोड़ों का निवेश
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर, सालों से मानसून के दौरान जलभराव और खराब जलनिकासी की समस्या से जूझता रहा है। अब अच्छी खबर है कि गोरखपुर नगर निगम ने 13.75 करोड़ रुपये के बजट से बड़े पैमाने पर जलनिकासी परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। यह योजना पूरे शहर के 80 वार्डों को कवर करेगी, जहां नई नालियां, ड्रेनेज सिस्टम और सड़क सुधार कार्य होंगे। इससे न केवल जलभराव कम होगा बल्कि आवागमन भी काफी सुगम हो जाएगा। स्थानीय निवासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे, खासकर गोलघर, त्रिवेणी नगर, माना भेला और हुर्रान जैसे प्रभावित इलाकों में।
80 वार्डों का चरणबद्ध विकास: कौन-कौन से इलाके लाभान्वित होंगे?
गोरखपुर के कुल 80 वार्डों में यह योजना लागू होगी, जिसमें घनी आबादी वाले इलाके प्राथमिकता में हैं। वार्ड नंबर 1 से 20 तक के गोलघर, बैंक रोड, माया विहार जैसे क्षेत्रों में 4 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वार्ड 21 से 40 तक त्रिवेणी नगर, सुशांत नगर में 5 करोड़ का बजट आवंटित है, जबकि शेष वार्डों जैसे हुर्रान, खुनहट्टी में 4.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक वार्ड में 2-5 किलोमीटर लंबी नालियां बनेंगी, जिनकी चौड़ाई 1.5 से 3 मीटर होगी।
आवागमन सुधारने के लिए नालियों के ऊपर पक्की सड़कें बिछाई जाएंगी। इससे पैदल यात्री और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, वार्ड 35 के निवासी रामेश्वर यादव कहते हैं, “हर बरसात में घरों में पानी घुस जाता था। अब यह प्रोजेक्ट हमारी उम्मीद जगाता है।” महिलाओं को बाजार जाने में होने वाली परेशानी भी अब दूर होगी। यह योजना पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि वर्षा जल को रामगढ़ तालाब जैसी प्राकृतिक जलस्रोतों से जोड़ा जाएगा।
बजट ब्रेकडाउन और समयसीमा: कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?
कुल 13.75 करोड़ रुपये का ब्रेकडाउन इस प्रकार है:
- 7 करोड़ रुपये – नई नालियों के निर्माण पर
- 4 करोड़ रुपये – पुरानी लाइनों के रखरखाव और मरम्मत पर
- 2 करोड़ रुपये – सड़क सुधार और पेविंग पर
- शेष राशि – प्रशासनिक और अन्य खर्चों पर
ठेकेदारों का चयन ई-टेंडर प्रक्रिया से होगा। कार्य मार्च 2026 से शुरू होकर दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार की AMRUT योजना से अतिरिक्त फंडिंग मिल रही है, जो इस प्रोजेक्ट को और मजबूत बनाएगी।
स्थानीय प्रभाव और भविष्य की योजनाएं: गोरखपुर बनेगा जलभराव मुक्त
इस प्रोजेक्ट से 80 वार्डों के लाखों निवासियों को सीधा फायदा होगा। बेहतर जलनिकासी से बिजली के खंभे सुरक्षित रहेंगे, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल पहुंच आसान होगी। बरसात में सड़कें तालाब बनने से होने वाली दुर्घटनाएं और वाहन खराब होने की
समस्या खत्म हो जाएगी। इससे स्वच्छता स्तर बढ़ेगा और जलजनित बीमारियों का खतरा कम होगा।
सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रभान निषाद ने कहा, “यह फिशरमैन आर्मी जैसे संगठनों की
लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है।
हम विकास कार्यों की निगरानी करेंगे।” भविष्य में सोलर-पावर्ड पंप और
CCTV मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
यह निवेश गोरखपुर के आर्थिक विकास को नई गति देगा। बेहतर जलनिकासी से
व्यापार बढ़ेगा, नए बाजार खुलेंगे और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के आसपास के वार्डों में छात्रों को विशेष लाभ होगा।
कार्य के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन हो सकता है, इसलिए नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।
गोरखपुर अब जलभराव मुक्त शहर बनने की ओर अग्रसर है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की
‘स्मार्ट सिटी’ पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो 2026 तक पूरा हो जाएगा।