भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह
रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का दुखद निधन: स्टेज-4 लिवर कैंसर से जंग हारे
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी जंग लड़ रहे खानचंद सिंह पिछले एक साल से बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी हालत बिगड़ने पर 21 फरवरी को अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां वे वेंटिलेटर पर थे। सुबह करीब 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर से क्रिकेट जगत और रिंकू के परिवार में गहरा शोक छा गया।
रिंकू सिंह, जो वर्तमान में ICC T20 World Cup 2026 में भारतीय टीम के साथ चेन्नई में थे, पिता की मौत की खबर मिलते ही घर लौट आए। उन्होंने अलीगढ़ में पिता की अंतिम यात्रा में कंधा दिया और मुखाग्नि दी। वीडियो में रिंकू भावुक नजर आए, जहां वे नीली कैप पहने पिता की अर्थी को कंधा देते दिखे। परिवार, दोस्त और स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़े।
गरीबी के बोझ तले भी नहीं टूटे सपने: खानचंद सिंह की संघर्षपूर्ण कहानी
खानचंद सिंह अलीगढ़ के एक साधारण परिवार से थे। वे LPG सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे और घर-घर जाकर सिलेंडर पहुंचाते थे। गरीबी के बावजूद उन्होंने छह बच्चों के सपनों को कभी नहीं तोड़ा। रिंकू सिंह, जो परिवार के सबसे छोटे बेटे हैं, क्रिकेट में करियर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। पिता खानचंद ने हर मुश्किल में उनका साथ दिया। रिंकू ने कई बार बताया कि पिता सिलेंडर ढोते हुए भी उनके मैच देखने जाते थे और प्रोत्साहन देते थे।
*खानचंद सिंह का सबसे बड़ा अरमान था बेटे रिंकू को दुल्हन के रूप में सेहरा बंधवाना। रिंकू की सगाई जून
2025 में प्रिया सरोज से हुई थी और शादी जून 2026 में प्रस्तावित थी।
लेकिन कैंसर ने इस सपने को अधूरा छोड़ दिया। पिता की मौत से रिंकू को ताउम्र
अफसोस रहेगा कि वे पिता को बेटे की शादी नहीं दिखा सके। पूर्व कोच मसूद अमीनी ने कहा कि
खानचंद सिंह टर्मिनल स्टेज में थे, लेकिन बेटे की सफलता देखकर गर्व महसूस करते थे।
क्रिकेट जगत ने जताया शोक: विराट, युवराज, हरभजन ने दी श्रद्धांजलि
रिंकू के पिता के निधन पर क्रिकेट जगत ने गहरा दुख जताया। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने X पर लिखा कि
*रिंकू के परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। युवराज सिंह और अन्य खिलाड़ियों ने भी संदेश भेजे।
रिंकू T20 World Cup से बीच में लौटे, लेकिन टीम ने उन्हें पूरा समर्थन दिया।
खानचंद सिंह की उम्र करीब 54-60 वर्ष बताई जा रही है। उनकी मौत ने एक बार फिर दिखाया कि
सफलता के पीछे कितनी त्याग और संघर्ष की कहानी होती है। रिंकू सिंह ने गरीबी से उठकर
IPL और भारतीय टीम में जगह बनाई, और पिता का सपोर्ट सबसे बड़ा सहारा था।
यह घटना लाखों लोगों को प्रेरित करती है कि मुश्किल हालात में भी सपनों को जीवित रखें।
रिंकू अब परिवार के साथ शोक मना रहे हैं। ओम शांति।