एसएसबी जवान नरेंद्र चौरसिया के साथ 19 लाख की ठगी की हालिया घटना गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। नीचे इस खबर का पूरा विवरण एक नए टाइटल के साथ प्रस्तुत किया गया है
।नया टाइटल:”गोरखपुर के जवान से 19 लाख की ठगी की पूरी कहानी: फर्जी भूमि सौदे से लेकर पुलिस कार्रवाई तक”ठगी की शुरुआतगोरखपुर जिले के श्यामदेउरवां क्षेत्र निवासी नरेंद्र चौरसिया झारखंड में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में तैनात हैं।
नरेंद्र को एक स्थानीय ब्रोकर आदित्य कुमार और सिद्धार्थ कुमार साहनी ने बताया कि उनके पास गोरखपुर के मानबेला इलाके में आवासीय प्लॉट उपलब्ध है, जो उनके मामा-मामी की संपत्ति है। नरेंद्र ने उनकी बातों पर भरोसा कर जमीन का सौदा तय कर लिया और 19,09,000 रुपये की मोटी रकम अदा कर दी
दस्तावेज, सौदा और वास्तविकतापीड़ित के मुताबिक, उसने जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी पुनीता चौरसिया और भाभी गुड्डी चौरसिया के नाम करवाई। जब खारिज दाखिल (नामांतरण) के लिए तहसील में आवेदन किया, तब पता चला कि उसी जमीन पर पहले से किसी और का अधिकार है।
तहसील जांच में खुलासा हुआ कि यह ज़मीन वर्ष 1999 और 2008 में पहले ही आशा मिश्रा के नाम रजिस्टर्ड हो चुकी थी।प्रशासनिक कार्रवाईजांच के आधार पर पिपराइच के नायब तहसीलदार ने 10 दिसंबर 2024 को नामांतरण निरस्त कर दिया। इसके बाद अपर उपजिलाधिकारी ने 23 अप्रैल 2025 को आशा मिश्रा के पक्ष में खतौनी संशोधन करने का आदेश दिया।
इस बीच, ठगी का एहसास होते ही नरेंद्र ने चिलुआताल थाने में शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थाने पर समझौता के प्रयास और चेक बाउंसपुलिस थाने में समझौते के दौरान ब्रोकर आदित्य कुमार ने 19 लाख रुपये लौटाने के लिए तीन चेक दिए,
जिनमें से एक (5 लाख रुपये का) चेक 1 अगस्त को बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और पीड़ित को बार-बार गुमराह करते रहे।पुलिस की एफआईआर और कार्रवाईनरेंद्र चौरसिया ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायत भेजी
, जिसके बाद पुलिस ने ब्रोकर आदित्य कुमार, सिद्धार्थ कुमार साहनी, कास्तकार राकेश कुमार, राजकुमारी देवी और अनंत निषाद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है मुख्य बिंदुपीड़ित एसएसबी जवान को जमीन के बदले 19,09,000 रुपये की ठगी।भूमि की फर्जी रजिस्ट्री और पुराने मालिक का कब्जा।
पुलिस थाने पर समझौते के नाम पर गुमराह करना और बाउंस हुए चेक।एसएसपी के निर्देश पर चिलुआताल पुलिस ने आरोपी ब्रोकरों एवं जमीन मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किया।कानूनी पहलू और अगला कदमअब इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी तथा अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और इस मामले की पूरी तह तक पहुंचने का दावा कर रही है यह घटना उन लाखों लोगों के लिए भी सबक है, जो बिना पूरी जांच-पड़ताल के ब्रोकरों और अन्य लोगों के भरोसे जमीन या संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं।