गोरखपुर के जंगल कौड़िया क्षेत्र में हाल ही में हुए गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों की वजह से पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है।
कुछ दिनों पहले अटकहवा घाट पर हुए गैंगवार के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं सात नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
जेल गए आरोपियों में एक के हाथ पर ‘एके-47’ का टैटू होने से गैंग से संबंध की पुष्टि हुई है। मंगलवार को भी पुलिस ने अकटहवा गांव के बाहर से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अब गैंग लीडरों और उनके संरक्षण करने वालों की भी तलाश कर रही है और इस दिशा में खुफिया इकाइयों की मदद ली जा रही है।
भागे हुए आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने पीपीगंज और पनियरा थानों की संयुक्त टीम द्वारा अकटहवा पुल पर अस्थायी कैंप बना रखा है। गांवों में लगातार दबिश दी जा रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में फिलहाल तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस ने बताया है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।यह गैंगवार स्थानीय स्तर पर काफी सक्रिय गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है, जिसमें रेड गैंग और एके-47 गैंग के दो धड़े शामिल हैं। दोनों गैंगों ने कई वारदातों को अंजाम दिया है, जिसमें मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं भी शामिल हैं।
पुलिस ने गैंग के सदस्यों के डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं और साइबर सेल की मदद से जांच कर रही है।इस दौरान इलाके के लोग पुलिस की सख्ती की सराहना कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द ही अपराधियों को काबू कर शांति स्थापित करेगी।
घायल हुए पक्षकारों ने भी पुलिस को तहरीर दी है और मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। पुलिस लगातार गश्त और छापेमारी कर रही है ताकि आगे इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इस पूरे मामले में पुलिस की रणनीति है कि अपराधियों के संरक्षण करने वालों और गैंग के संरक्षकों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि पूर्णत: अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस के अनुसार जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे और मामला नियंत्रण में आ जाएगा।यह जानकारी अलग-अलग समाचार स्रोतों के आधार पर संकलित की गई है और स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है