लखनऊ में गैस सिलिंडर की आपूर्ति
लखनऊ में गैस सिलिंडर आपूर्ति को लेकर बढ़ी नाराजगी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने पांच मार्च को गैस सिलिंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन 15 मार्च तक भी उन्हें सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पाई है।
इस स्थिति ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है और अब लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जब ऑयल कंपनियां लगातार गैस सिलिंडर की आपूर्ति का दावा कर रही हैं तो आखिर ये सिलिंडर जा कहां रहे हैं।
कंपनियों के दावे और उपभोक्ताओं के सवाल
ऑयल कंपनियों का कहना है कि राजधानी में गैस की कमी न हो इसके लिए लगातार घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की सप्लाई की जा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इससे अलग दिखाई दे रही है।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें अपने गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार एजेंसी से संपर्क करने पर भी सही जानकारी नहीं मिल रही है कि सिलिंडर कब तक मिलेगा।
इसी वजह से लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सिलिंडर लगातार आ रहे हैं तो आखिर वे किसे दिए जा रहे हैं और आम उपभोक्ताओं तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं।
समय पर वितरण न होने से बढ़ी परेशानी
गैस एजेंसियों द्वारा समय पर वितरण न किए जाने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। कई परिवारों के सामने खाना बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है।
ग्राहकों का कहना है कि सिलिंडर की बुकिंग के बाद भी उन्हें 10 से 12 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं के पास बुकिंग की तारीख और सिलिंडर न मिलने के प्रमाण भी मौजूद हैं।
लोगों का कहना है कि यदि वितरण व्यवस्था सही तरीके से काम करे तो ऐसी स्थिति पैदा ही न हो।
उपभोक्ता आयोग जाने की तैयारी
लगातार हो रही देरी से परेशान उपभोक्ताओं ने अब कंपनियों और गैस
एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।
कई गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का
समाधान नहीं हुआ तो वे उपभोक्ता आयोग में
शिकायत दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि गैस जैसी जरूरी सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
कुछ लोगों ने बताया कि उनके पास बुकिंग की रसीद और सिलिंडर न मिलने से संबंधित रिकॉर्ड भी मौजूद हैं,
जिन्हें वे शिकायत के दौरान प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन को इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए ताकि
यह पता चल सके कि गैस सिलिंडर की सप्लाई में आखिर कहां समस्या आ रही है।
यदि कंपनियां पर्याप्त आपूर्ति कर रही हैं तो एजेंसियों द्वारा
वितरण में देरी क्यों हो रही है, इस पर भी स्पष्टता जरूरी है।
लोगों का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था होने से उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलिंडर मिल सकेगा।
लखनऊ में गैस सिलिंडर की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों ने वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जहां एक तरफ कंपनियां नियमित सप्लाई का दावा कर रही हैं
, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
ऐसे में यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो
मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच सकता है औ
र कंपनियों व एजेंसियों को जवाब देना पड़ सकता है।
