उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र से जुड़ी है, जहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक गोदाम पर छापा मारकर पूजा में इस्तेमाल होने वाली मिठाईयों की गुणवत्ता की जांच की और मिलावट का बड़ा मामला उजागर किया यहां मिठाईयों को अंडे के गत्ते और बटारों के गत्ते में छुपा कर रखा गया था, जिनमें मावा (खोया) मिलाया जा रहा था, जिसे तैयार करके विभिन्न जगहों पर भेजा जाना था।
छापे की कार्रवाईखाद्य सुरक्षा विभाग की टीम
ने गोरखपुर के हुमायूंपुर क्षेत्र में एक गोदाम में छापा मारा। खबर के मुताबिक, यहां बड़ी तादाद में मिठाई को तैयार करने का काम चल रहा था। टीम ने देखा कि मिठाई को बनाने के लिये मावा बटारों और अंडे के गत्ते में छुपाकर रखा गया था, जिसे पूजा के अवसर पर बाजार में बेचने की तैयारी थी। जांच के दौरान यहां कई क्विंटल मावा बरामद किया गया, जो मिलावटी प्रतीत हो रहा था
मिलावट का खेलपर्व-
त्योहार के मौके पर अधिक मांग और जल्दबाजी के चलते मिठाईयों में मिलावट आम हो जाती है इसी कारण यहां नकली मावा का उपयोग हो रहा था, जिसे विभिन्न मिठाईयों में मिलाकर स्वाद और गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। गोदाम में टीम ने देखा कि मिठाई के नमूने विभिन्न तरह की पैकिंग में रखे गए थे, जिन पर ब्रांडिंग की गई थी, लेकिन वास्तविकता में ये सामग्री मिलावटी थी
।पूजा पर मिठाई बनने की तैयारीखबर की जानकारी के अनुसार, गोदाम में तैयार की जा रही मिठाईयां पूजा और धार्मिक आयोजनों पर बाजार में बेचने के लिये तैयार हो रही थीं इस छापे के दौरान विभाग ने मिठाई तैयारियों की जांच की, जिसमें सामने आया कि इन मिठाईयों में मानकों की अनदेखी करके मिलावटी सामान मिलाया जा रहा था
। विभाग ने सारी सामग्री को सीज़ कर आगे की जांच शुरू की
।शहर में चोरियां और धड़पकड़मिलावट के इस खेल के ज़रिए शहर में मिठाई की दुकानों के मालिक अवैध रूप से घटिया सामग्री बेच रहे थे
। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावट करने वालों की पहचान करने के लिये पड़ताल की, जिसमें गोदाम मालिक समेत अन्य लोग शामिल पाए गए। विभाग ने मावा और मिठाई के नमूने आगे जांच के लिये भेज दिए हैं।कार्रवाई का असरखाद्य विभाग की मुहिम के बाद शहर के कई मिठाई की दुकानों पर सन्नाटा पसर गया है
कई दुकानदारों ने अपने दुकानें बंद कर दीं और छिपने लगे। विभाग ने पुख्ता कार्रवाई कर मिलावट की सामग्री ज़ब्त कर ली और संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया। त्योहार के विशेष मौके पर बरती गई लापरवाही के कारण
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में निगरानी बढ़ा दी है।
मिठाई की क्वालिटी पर सवालइस छापे और खबर के बाद लोगों के मन में मिठाई की क्वालिटी को लेकर बहुत सवाल उठ रहे हैं त्योहार के सीज़न में लोग पूजा-पाठ और आयोजन के लिये मिठाई खरीदते हैं, लेकिन मिलावट के खेल से उनका स्वास्थ्य खतरे में पड़ जाता है। विभाग ने आगे भी इसी तरह निगरानी जारी रखने का वादा किया है।पर्व-त्योहार पर मिठाई बिक्री का तरीकात्योहार के मौके पर बाजार में मिठाई की अधिक बिक्री होती है,
जिसके चलते कई दुकानदार मिलावट का रास्ता अपनाते हैं। ये दुकानें ग्राहकों को सस्ते दामों में आकर्षित करने के लिये, घटिया गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग करते हैं और कई बार नकली मावा/खोया इस्तेमाल किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिये खतरनाक है।इस खबर का सामाजिक असरऐसी घटनाएं समाज में मिठाई की दुकान और खाने-पीने की चीज़ों पर भरोसा कम करती हैं
पूजा और धार्मिक आयोजनों में गुणवत्तायुक्त प्रसाद की आशा की जाती है लेकिन मिलावट की वजह से स्वास्थ्य पर खतरा मंडराता है। विभाग की सतर्कता और तत्परता इसपर रोक लगाने की दिशा में सराहनीय कदम है।
खाद्य विभाग की सख्तीखाद्य सुरक्षा विभाग
इस पूरे प्रकरण के बाद और अधिक सख्त नजर आने लगा है त्योहारों के सीज़न पर लगातार छापे की कार्रवाई और दुकानों की जांच हो रही है ताकि बरसों से चली आ रही मिलावट की परंपरा बंद हो सके।नोट: यदि आपको ऐसी खबरों पर और जानकारी चाहिए तो खाद्य विभाग की वेबसाइट या लोकल समाचारों की रिपोर्ट जरूर देखें, जिससे आपको सही और प्रमाणित जानकारी मिले। यह मामला समाज और स्वास्थ्य से संबंधित होने की वजह से गंभीर है और सभी नागरिकों को जागरूक रहना ज़रूरी है