खेत की मेढ़ का सही इस्तेमाल: 4×4 मीटर पर बांस लगाएं, 60 टन प्रति एकड़ होगा उत्पादन
मेटा डिस्क्रिप्शन: खेत की मेढ़ पर बांस की खेती कैसे करें? 4×4 मीटर की दूरी पर बांस लगाने से प्रति एकड़ 60 टन तक हरा चारा उत्पादन संभव। कम लागत, ज्यादा मुनाफा और साल भर चारा उपलब्ध। पूरी जानकारी, विधि और लाभ 2026 अपडेट। (2026)
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मेढ़ खेती: खाली जमीन से अतिरिक्त कमाई का सबसे आसान तरीका
भारतीय किसान आजकल खेत की मेढ़ को बेकार नहीं छोड़ रहे। खेत की चारों तरफ बनी मेढ़ पर बांस की खेती करके वे साल भर पशुओं के लिए हरा चारा और अच्छी कमाई दोनों हासिल कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर सही विधि से 4×4 मीटर की दूरी पर बांस लगाया जाए तो एक एकड़ में 60 टन तक हरा चारा उत्पादन संभव है। यह तरीका कम लागत वाला, कम मेहनत वाला और पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।
क्यों चुनें बांस को मेढ़ के लिए?
बांस की खासियत यह है कि यह बहुत तेजी से बढ़ता है, 3-4 साल में ही पूरी तरह तैयार हो जाता है और 20-25 साल तक लगातार उत्पादन देता है। एक बार लगाने के बाद साल में 2-3 कटाई हो सकती है। मेढ़ पर बांस लगाने से खेत की मुख्य फसल पर कोई असर नहीं पड़ता, बल्कि मेढ़ की मिट्टी का कटाव भी रुकता है।
सबसे अच्छी दूरी: 4×4 मीटर प्लांटिंग
कई किसान 3×3 या 5×5 मीटर की दूरी अपनाते हैं, लेकिन अनुभवी कृषि वैज्ञानिकों और सफल किसानों के अनुसार 4×4 मीटर सबसे संतुलित दूरी है। इस दूरी पर:
- प्रति एकड़ लगभग 270-280 बांस के पौधे लगते हैं
- पौधों को पर्याप्त धूप, हवा और पोषक तत्व मिलते हैं
- घनत्व ज्यादा होने पर उत्पादन बढ़ता है, लेकिन पौधे छोटे रहते हैं
- 4×4 मीटर से औसतन 55-65 टन हरा चारा प्रति एकड़ प्रति वर्ष मिलता है (सही देखभाल से 60 टन आसानी से)
बांस की उन्नत किस्में जो मेढ़ पर बेस्ट हैं
2026 में भारत में मेढ़ खेती के लिए ये किस्में सबसे लोकप्रिय हैं:
- बीएस-1 (बहुत तेज बढ़ोतरी, ज्यादा हरा चारा)
- बीएस-10 (रेशेदार और मीठा चारा, पशु पसंद करते हैं)
- बीएस-16 (सूखा सहनशील, कम पानी में अच्छा उत्पादन)
- बीएस-20 (उच्च उत्पादन वाली हाइब्रिड किस्म)
ये सभी किस्में कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), वन विभाग और नर्सरी से आसानी से मिल जाती हैं।
लगाने की विधि और देखभाल
- मेढ़ को 2-2.5 फीट चौड़ा और 1.5 फीट ऊंचा बनाएं
- 4×4 मीटर की दूरी पर गड्ढे खोदें (1×1×1 फीट)
- गोबर खाद + नीम की खली + DAP डालकर गड्ढा भरें
- मानसून शुरू होने पर (जून-जुलाई) पौधे लगाएं
- पहले साल में 2-3 बार सिंचाई और खरपतवार निकासी जरूरी
- दूसरे साल से साल में 2-3 कटाई (जून, सितंबर, जनवरी)
लागत और मुनाफा
- प्रति एकड़ कुल लागत (पहले साल): ₹35,000-45,000 (पौधे + खाद + मजदूरी)
- दूसरे साल से सालाना खर्च: ₹10,000-15,000
- उत्पादन: 60 टन हरा चारा × ₹2-2.5 प्रति किलो = ₹1,20,000-1,50,000 की कमाई
- शुद्ध मुनाफा: ₹1 लाख से अधिक प्रति वर्ष (दूसरे साल से)

अतिरिक्त फायदे
- पशुओं को पौष्टिक और सस्ता चारा
- मेढ़ पर छाया से मुख्य फसल को फायदा
- लकड़ी और बांस की टहनियां भी बिकती हैं
- मिट्टी संरक्षण और जल संचयन में मदद
आज ही शुरू करें मेढ़ बांस क्रांति
खेत की मेझ को बेकार समझने की बजाय 4×4 मीटर दूरी पर बांस लगाकर आप अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। यह तरीका छोटे-मझोले किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें और इस साल ही मेढ़ पर बांस की खेती शुरू करें।
एक बार लगाया बांस – सालों तक देगा कमाई और चारा!