प्रिंस हत्याकांड में खुलासा
उत्तर प्रदेश। एक हत्याकांड ने पुलिस और समाज को हिला दिया है। गोरखपुर के प्रिंस (22 वर्ष) की हत्या में अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में हत्यारों ने कबूल किया कि वे प्रिंस को सिर्फ ‘सबक सिखाना’ चाहते थे, लेकिन गोली फेफड़े चीरकर हार्ट के पास फंस गई, जिससे मौत हो गई। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की 10 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हत्याकांड 7 दिसंबर की रात हुआ था। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला न केवल हत्या का है, बल्कि गलत मंशा और अपराध की गंभीरता को भी उजागर करता है। इस ब्लॉग में हम इस हत्याकांड की पूरी कहानी, हत्यारों का मोटिव, कारतूस का खुलासा, पुलिस जांच और समाज के लिए सबक बताएंगे।
हत्याकांड का पूरा विवरण: सबक सिखाने का इरादा, मौत हो गई
प्रिंस (22 वर्ष) गोरखपुर के एक कॉलेज का छात्र था। 7 दिसंबर की रात करीब 10 बजे वह अपने दोस्तों के साथ खजनी थाना क्षेत्र के एक गांव में था। पुलिस के अनुसार, 4 युवकों ने प्रिंस को घेर लिया और कहा, “तूने हमारी बहन को छेड़ा है, आज सबक सिखाएंगे।”
- एक युवक ने पिस्टल निकाली और प्रिंस पर फायर किया।
- गोली सीने में लगी, फेफड़े चीरकर हार्ट के पास फंस गई।
- प्रिंस मौके पर ही बेहोश हो गया, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई।
- हत्यारों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने 4 को गिरफ्तार कर लिया।
हत्यारों का चौंकाने वाला बयान: ‘सबक सिखाना था, मौत नहीं’
पूछताछ में 4 आरोपियों – रवि (24), अजय (23), संतोष (25) और मोहन (22) – ने कबूल किया:
- प्रिंस पर बहन छेड़ने का आरोप था।
- वे सिर्फ डराना चाहते थे, गोली चलाने का इरादा नहीं था।
- लेकिन गुस्से में गोली चली और प्रिंस की मौत हो गई।
- वे कहते रहे, “हम सिर्फ सबक सिखाना चाहते थे, मौत नहीं।”
पुलिस ने कहा, “यह हत्या का मामला है, इरादा भले ही डराना रहा हो, लेकिन गोली चलाने से मौत हुई।”
पुलिस जांच: FIR दर्ज, हथियार बरामद
खजनी थाना पुलिस ने IPC की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट में FIR दर्ज की। मौके से पिस्टल और 2 कारतूस बरामद हुए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि गोली फेफड़े चीरकर हार्ट के पास फंस गई थी। पुलिस ने कहा, “हत्यारों का पूरा नेटवर्क उजागर होगा।”
समाज पर असर: बहन छेड़ने का आरोप, लेकिन हत्या नहीं जायज
प्रिंस के परिवार ने कहा, “हमारा बेटा बेकसूर था।” गांव में लोग कहते हैं, “बहन छेड़ने का आरोप था, लेकिन हत्या नहीं जायज।” यह घटना युवा अपराध, गुस्से में हथियार उठाने और लिव-इन/प्रेम संबंधों में हिंसा के खतरों को उजागर करती है।