Prince Rahim Aga Khan India Visit 2026: इस्माइली समुदाय के 50वें वंशानुगत इमाम और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के अध्यक्ष प्रिंस रहीम आगा खान पंचम बुधवार से भारत के सात दिवसीय दौरे पर हैं। उनका यह दौरा 9 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान प्रिंस रहीम आगा खान देश के शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि फरवरी 2025 में इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का यह पहला भारत दौरा है। दिल्ली के अलावा वह अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाएंगे, जहां आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क से जुड़ी विभिन्न विकास एवं सामुदायिक परियोजनाएं संचालित हो रही हैं।
PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू से होगी मुलाकात
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की भारत यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित है। इसके अलावा वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी बातचीत करेंगे।
10 सितंबर को उपराष्ट्रपति के साथ उनकी बैठक निर्धारित है। इन मुलाकातों में भारत और इस्माइली इमामत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के साथ विकास, सामाजिक कार्यों और सामुदायिक पहलों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
50वें इमाम बनने के बाद पहली भारत यात्रा
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने 4 फरवरी 2025 को अपने पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद इस्माइली समुदाय के 50वें वंशानुगत इमाम का पद संभाला था। आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के आधिकारिक विवरण के अनुसार वह अपने पिता के साथ तीन दशक से अधिक समय तक नेटवर्क की विभिन्न संस्थाओं के काम से जुड़े रहे।
इमाम बनने के बाद भारत की यह पहली यात्रा होने के कारण इसे धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत में इस्माइली समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी है और समुदाय से जुड़ी संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास तथा अन्य क्षेत्रों में भी गतिविधियां संचालित करती हैं।
अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाएंगे
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद प्रिंस रहीम आगा खान पंचम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद का दौरा करेंगे।
इन शहरों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क की विभिन्न विकास और सामुदायिक परियोजनाएं चल रही हैं। इसलिए यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इन परियोजनाओं और समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा।
गुजरात और महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में इस्माइली समुदाय की मौजूदगी है। ऐसे में इन शहरों का दौरा स्थानीय समुदाय के साथ संपर्क के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और आगा खान नेटवर्क के बीच लंबे संबंध
भारत और आगा खान से जुड़े संस्थानों के बीच सहयोग का इतिहास काफी पुराना है। आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी कई गतिविधियों में काम करता है।
प्रिंस रहीम आगा खान स्वयं भी अपने इमाम बनने से पहले नेटवर्क के विभिन्न कार्यों से जुड़े रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों में उनकी विशेष रुचि रही है।
इसी वजह से मौजूदा भारत यात्रा को केवल धार्मिक समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि विकास और सामाजिक सहयोग के दृष्टिकोण से भी इसे अहम माना जा रहा है।
इस्माइली समुदाय के लिए भी खास मौका
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने भारत यात्रा से पहले स्थानीय इस्माइली समुदाय से मुलाकात को लेकर उत्सुकता व्यक्त की है। ABP की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने भारत की जमात से मिलने की इच्छा जताई और विदेशों में रहने वाले इस्माइलियों से इस यात्रा के दौरान भारत आने से बचने का अनुरोध किया, ताकि वह भारत में रहने वाले स्थानीय समुदाय पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकें।
उनका यह संदेश भारत में रहने वाले इस्माइली समुदाय के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि 50वें इमाम के रूप में यह उनका पहला भारत दौरा है।
कौन हैं प्रिंस रहीम आगा खान?
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम शिया इमामी इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम हैं।
साथ ही वह आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने पिता प्रिंस करीम आगा
खान चतुर्थ के निधन के बाद 2025 में इमाम की जिम्मेदारी संभाली।
AKDN के अनुसार प्रिंस रहीम ने अपने पिता के साथ लंबे समय तक नेटवर्क की विभिन्न
संस्थाओं के बोर्ड में काम किया। उनके काम का एक प्रमुख हिस्सा पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और
गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की आजीविका सुधारने से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है।
यात्रा का कूटनीतिक महत्व भी
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली
मुलाकातों को भारत और आगा खान नेटवर्क के बीच संबंधों की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे
संबंधों और विकास एवं सामुदायिक पहलों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी।
ऐसे में यह दौरा भारत की सामाजिक विकास परियोजनाओं और
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुदाय आधारित संस्थाओं के साथ सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
यात्रा का पूरा कार्यक्रम
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की भारत यात्रा का कार्यक्रम मोटे तौर पर इस प्रकार है:
- 9 सितंबर: भारत आगमन और सात दिवसीय यात्रा की शुरुआत
- 10 सितंबर: उपराष्ट्रपति के साथ प्रस्तावित बैठक
- नई दिल्ली: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात
- अहमदाबाद: AKDN की विकास एवं सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ा दौरा
- मुंबई: सामुदायिक और विकास परियोजनाओं का दौरा
- हैदराबाद: नेटवर्क की गतिविधियों एवं स्थानीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम
- 15 सितंबर: भारत यात्रा का समापन
यह कार्यक्रम आधिकारिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है;
अलग-अलग बैठकों के समय और विस्तृत कार्यक्रम में बदलाव संभव है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
प्रिंस रहीम आगा खान की यात्रा तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण है। पहला, यह उनके 50वें इमाम के रूप में
भारत का पहला दौरा है। दूसरा, इस दौरान उनकी देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हो रही है। तीसरा,
वह उन शहरों का दौरा कर रहे हैं जहां AKDN की विकास और सामुदायिक परियोजनाएं संचालित हैं।
इसलिए यह यात्रा धार्मिक समुदाय के साथ संवाद के साथ-साथ सामाजिक विकास,
संस्थागत सहयोग और भारत-आगा खान नेटवर्क के संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निष्कर्ष
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का 9 से 15 सितंबर तक चलने वाला भारत दौरा
कई मायनों में खास है। 50वें इमाम का पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्रियों के साथ उनकी मुलाकात प्रस्तावित है।
इसके अलावा अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद में वह आगा खान
डेवलपमेंट नेटवर्क की विकास एवं सामुदायिक परियोजनाओं से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लेंगे।
ऐसे में इस यात्रा पर राजनीतिक, कूटनीतिक और इस्माइली समुदाय—
तीनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
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