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8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोरखपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) उरुवा में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत संपन्न हुआ, जिसमें ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाली आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और अन्य महिला स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष सम्मान दिया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी तिवारी ने इन महिलाओं को उपहार, प्रमाण पत्र और सर्टिफिकेट भेंट कर उनके अतुलनीय योगदान की सराहना की। यह कार्यक्रम न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में महिलाओं की रीढ़ की हड्डी वाली भूमिका को भी उजागर किया।
आयुष्मान भारत कैंप और स्वास्थ्य जागरूकता
कार्यक्रम की शुरुआत आयुष्मान भारत स्वास्थ्य शिविर से हुई, जहां ग्रामीण महिलाओं को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल और पोषण संबंधी जानकारी दी गई। शिविर में आयुष्मान कार्ड वितरण और 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। डॉ. जेपी तिवारी ने अपने संबोधन में कहा, “आशा कार्यकर्तियां और महिला स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव जाकर टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण कार्यक्रम, मलेरिया-डेंगू रोकथाम और कोविड वैक्सीनेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। ये महिलाएं केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की स्वास्थ्य संरक्षक हैं। स्वास्थ्य विभाग में जुड़ी हर महिला व्यवस्था की रीढ़ है।” उनके इस कथन ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण स्वास्थ्य यंत्रणा में महिलाओं की बढ़ती प्रगति को रेखांकित किया।

आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम का विशेष सम्मान
गोरखपुर जैसे जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य का आधार स्तंभ हैं, और उरुवा पीएचसी इसका जीवंत उदाहरण है। यहां रोजाना सैकड़ों मरीजों को मुफ्त जांच, दवाइयां और परामर्श मिलता है। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं राधिका पासवान, पुष्पा, सुचिता, सत्यभामा, बिंद्रावती सहित दर्जनों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन महिलाओं को प्रमाण पत्र, उपयोगी उपहार सामग्री और सम्मानित किया गया। डॉ. अहमद नदीम, प्रेमचंद्र और सूरज मिश्रा जैसे चिकित्सकों ने भी इनके योगदान की प्रशंसा की। ये कार्यकर्तियां प्रतिदिन घर-घर जाकर एनीमिया मुक्त भारत, पोषण अभियान और संक्रामक रोग नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य में महिलाओं की भूमिका: स्वास्थ्य विभाग की रीढ़
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस लैंगिक समानता और महिलाओं की उपलब्धियों को समर्पित है। उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पोषण अभियान जैसी योजनाओं के तहत ऐसे आयोजन बढ़ रहे हैं। उरुवा केंद्र पर यह कार्यक्रम पीएमजेएवाई से जुड़ा था, जो गरीब परिवारों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराता है। डॉ. तिवारी ने कहा कि गोरखपुर मंडल में
कुपोषण और संक्रामक रोग जैसी चुनौतियों के बीच इन महिलाओं की मेहनत से ग्रामीण भारत स्वस्थ हो रहा है।
कार्यक्रम में एनीमिया मुक्त भारत और पोषण पर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।
भविष्य की दिशा और सतत विकास लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है,
और उरुवा जैसे केंद्र आदर्श बन रहे हैं।
यह आयोजन महिला स्वास्थ्यकर्मियों के सम्मान का प्रतीक है, जो भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।
गोरखपुर जिला प्रशासन ऐसे प्रयासों से संयुक्त
राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निष्कर्ष प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का
यह आयोजन आशा कार्यकर्ताओं और महिला स्वास्थ्य कर्मियों की
मेहनत को सलाम करने का अनुपम अवसर बना। ये महिलाएं न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं,
बल्कि ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की प्रेरणा भी हैं। जय हिंद, जय महिला शक्ति!
