प्रेमानंद महाराज: का विवाह और तलाक पर चौंकाने वाला बयान
प्रेमानंद महाराज: वृंदावन, 27 नवंबर 2025: राधावल्लभ संप्रदाय के प्रसिद्ध संत श्री प्रेमानंद जी महाराज ने विवाह, प्रेम विवाह और तलाक को लेकर ऐसा बयान दिया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लाखों भक्तों के आराध्य प्रेमानंद महाराज ने कहा,
“जब दो लोगों के बीच प्रेम खत्म हो जाए, एक-दूसरे को देखकर घृणा होने लगे, हर रोज झगड़ा हो, मानसिक तनाव हो – तो ऐसे संबंध में जबरदस्ती रहने से क्या फायदा? नरक में रहने से अच्छा है कि अलग हो जाओ। भगवान ने विवाह बंधन बनाया है, जंजीर नहीं।”
प्रेम विवाह पर क्या बोले महाराज जी?
प्रेमानंद जी महाराज ने प्रेम विवाह करने वालों को कड़ा संदेश दिया:
- “प्रेम विवाह करने से पहले सौ बार सोच लो। फिल्मी प्रेम और असली जीवन में बहुत फर्क होता है।”
- “शादी के बाद जब जिम्मेदारियां आएंगी, बच्चों की परवरिश, घर-गृहस्थी, पैसों की तंगी – तब वही प्रेम कहां रह जाता है?”
- “जो आज एक-दूसरे के बिना जी नहीं सकते, कल वही एक-दूसरे का गला दबाना चाहते हैं।”
महाराज जी ने कहा कि “सच्चा प्रेम वही है जो समय और परिस्थितियों के साथ बढ़ता जाए, कम न हो।”
तलाक पर खुलकर बोले संत
आज के दौर में बढ़ते तलाक के मामलों पर प्रेमानंद महाराज ने बेबाक राय दी:
- “समाज डरता है कि लोग क्या कहेंगे? मां-बाप क्या कहेंगे? लेकिन जिस घर में हर रोज गाली-गलौज, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना हो – वहां जबरदस्ती बच्चे पैदा करके उनका जीवन भी बर्बाद कर रहे हो।”
- “अगर दो लोग साथ नहीं रह सकते तो अलग होना पाप नहीं है। नया जीवन शुरू करना भी भगवान की मर्जी हो सकती है।”
- “लेकिन तलाक सिर्फ इसलिए न लो कि बोरियत हो गई, नया पार्टनर मिल गया। पहले पूरा प्रयास करो, समझो, सुधारो। कोशिश के बाद भी नहीं बने तो अलग हो जाओ।”
माता-पिता को भी नसीहत
महाराज जी ने माता-पिता से कहा:
- “अपने बच्चों की खुशी के लिए उनकी जिंदगी बर्बाद मत करो।”
- “अगर बच्चे कह रहे हैं कि हम साथ नहीं रह सकते, तो उन्हें आजाद कर दो। जबरदस्ती का रिश्ता भगवान को भी नहीं भाता।”
भक्तों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए हैं:
- एक पक्ष महाराज जी की हिम्मत और सच्चाई की तारीफ कर रहा है।
- दूसरे पक्ष का कहना है कि संत को तलाक को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
लेकिन अधिकांश भक्तों ने लिखा, “महाराज जी ने आज के युग की सच्चाई बोल दी। हम नरक में जी रहे हैं, बस समाज के डर से चुप हैं।”
अंतिम संदेश
प्रेमानंद जी महाराज ने अंत में कहा, “विवाह भगवान का सबसे पवित्र बंधन है,
लेकिन जब वह बंधन बोझ बन जाए तो उसे खोल देना भी धर्म है।
प्रेम से जीयो, प्रेम से अलग भी हो जाओ – लेकिन नफरत के साथ मत जीयो।”