लाइन शिफ्टिंग के लिए 5 घंटे शटडाउन
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में सोमवार (9 दिसंबर 2025) को विकास कार्यों के चलते कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, रोड चौड़ीकरण, बिजली लाइनों की शिफ्टिंग और तकनीकी अपग्रेड के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक 5 घंटे का शटडाउन रखा गया। इससे लोहिया एनक्लेव, भटहट, पीपीगंज और साहजनवा जैसे प्रमुख इलाके प्रभावित हुए। UPPCL ने इन कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के लिए एक साथ किया, ताकि भविष्य में ट्रिपिंग और वोल्टेज ड्रॉप की समस्या कम हो। यह घटना शहर के तेज विकास का हिस्सा है, लेकिन यात्रियों को भारी असुविधा हुई। इस ब्लॉग में हम इस बिजली बाधा की पूरी डिटेल्स, प्रभावित इलाके, कारण, UPPCL की प्रतिक्रिया और भविष्य के उपाय बताएंगे। यदि आप गोरखपुर के निवासी हैं, तो ये अपडेट्स और टिप्स आपके लिए उपयोगी साबित होंगे।
बिजली शटडाउन का पूरा विवरण: किन इलाकों में गुल रही बिजली?
सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू हुए शटडाउन ने गोरखपुर के कई फीडरों को प्रभावित किया। मुख्य रूप से:
- लोहिया एनक्लेव सब-सेंटर: 11 केवी लालपुर टीका फीडर।
- भटहट सब-सेंटर: 11 केवी भटहट और 11 केवी तारकुलवा फीडर।
- पीपीगंज सब-सेंटर: पूरा इलाका।
- साहजनवा सब-सेंटर: 11 केवी मघर उत्तरी फीडर।
ये फीडर शहर के व्यस्त रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को कवर करते हैं। दोपहर 3 बजे के बाद बिजली बहाल हो गई, लेकिन कुछ जगहों पर रात तक हल्की समस्या रही। UPPCL के अनुसार, ये कार्य रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट का हिस्सा थे, जहां पुरानी लाइनें नई स्ट्रक्चर पर शिफ्ट की गईं।
शटडाउन के कारण: विकास कार्यों की मजबूरी
शटडाउन का मुख्य कारण रोड चौड़ीकरण और बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड था। विस्तार से:
- लाइन शिफ्टिंग: सड़कें चौड़ी करने के लिए पुरानी बिजली लाइनें हटाकर नई ऊंचाई पर लगाई गईं।
- तकनीकी वर्क्स: क्षतिग्रस्त उपकरण बदलना, पुराने तारों की जगह नई वायरिंग, इंसुलेटर रिप्लेसमेंट और पोल री-पोजिशनिंग।
- सुरक्षा फोकस: ये कार्य एक साथ किए गए ताकि ट्रिपिंग, वोल्टेज फ्लक्चुएशन और फॉल्ट्स कम हों।
UPPCL ने कहा, “ये कार्य सप्लाई सिस्टम को अपग्रेड करेंगे, जिससे भविष्य में बिजली अधिक स्थिर, सुरक्षित और सुचारू होगी।” शहर में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ऐसे शटडाउन आम हैं, लेकिन समयबद्ध होने से असर कम हुआ।
यात्रियों और व्यवसायों पर प्रभाव: 5 घंटे की असुविधा
शटडाउन से हजारों घरों में बिजली गुल रही, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। रिहायशी इलाकों में महिलाओं को पानी भरने और खाना बनाने में दिक्कत हुई। छोटे व्यवसाय – जैसे किराना दुकानें, वर्कशॉप और छोटे फैक्टरियां – ठप हो गए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “दोपहर का समय व्यस्त होता है, इन्वर्टर भी चार्ज नहीं था। बच्चे पढ़ाई में रुक गए।” UPPCL ने प्रभावित संख्या नहीं बताई, लेकिन अनुमान से 50,000+ घर प्रभावित हुए। गर्मी के मौसम में AC और फैन बंद होने से असहजता बढ़ी।
UPPCL की प्रतिक्रिया: सलाह और भविष्य की योजना
UPPCL ने शटडाउन से पहले अलर्ट जारी किया था, लेकिन कई यात्रियों को सूचना नहीं मिली। विभाग ने अपील की: “शटडाउन से पहले मोबाइल, इन्वर्टर और जरूरी उपकरण चार्ज रखें, पानी की व्यवस्था करें और बिजली ढांचे के पास न जाएं।” कार्य पूरा होने के बाद सप्लाई सामान्य हो गई। भविष्य में ऐसे शटडाउन कम करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और स्मार्ट ग्रिड की योजना है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कहा, “ये अपग्रेड फॉल्ट्स को 30% कम करेंगे।”
बिजली बाधा से कैसे बचें? जरूरी टिप्स
ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए:
- अलर्ट चेक: UPPCL ऐप या वेबसाइट से शेड्यूल देखें।
- बैकअप: इन्वर्टर, जेनरेटर और सोलर बैटरी रखें।
- वॉटर स्टोरेज: शटडाउन से पहले टैंक भर लें।
- शिकायत: 1912 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- सेफ्टी: तारों से दूर रहें, चाइल्ड सेफ्टी सुनिश्चित करें। ये टिप्स अपनाकर 70% असुविधा कम हो सकती है।