मनरेगा vs पूज्य बापू ग्रामीण
उत्तर प्रदेश में मनरेगा का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ करने पर BJP और कांग्रेस के बीच जंग छिड़ गई है। BJP सरकार ने योजना को गांधी जी की जयंती पर नया नाम दिया और काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया। लेकिन कांग्रेस ने इसे ‘साजिश’ बताया और कहा कि सारे पुराने नाम बदल डाले जा रहे हैं। 16 दिसंबर 2025 को कांग्रेस ने BJP पर हमला बोलते हुए कहा कि यह गांधी जी का अपमान है और योजना की मूल भावना से खिलवाड़ है। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद 2027 चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा रहा है। BJP का कहना है कि यह गांधी जी को श्रद्धांजलि है, जबकि कांग्रेस इसे नाम बदलाव की राजनीति बता रही है।
नाम बदलाव का फैसला: BJP का ‘श्रद्धांजलि’ या राजनीति?
BJP सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ कर दिया। मुख्य बदलाव:
- काम के दिन: 100 से 125।
- बजट: 1 लाख करोड़+।
- उद्देश्य: गांधी जी को श्रद्धांजलि और ग्रामीण रोजगार मजबूत करना।
- लागू: 1 अप्रैल 2026 से।
BJP ने कहा कि यह गांधी जी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करेगा। लेकिन कांग्रेस ने इसे ‘नाम बदलाव की राजनीति’ बताया। कांग्रेस ने कहा, “सारे पुराने नाम बदल डाले जा रहे हैं – नेहरू, गांधी और कांग्रेस की योजनाओं को मिटाया जा रहा है।”
कांग्रेस का हमला: साजिश और अपमान का आरोप
कांग्रेस ने BJP पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, “BJP मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही है। नाम बदलकर अपनी बना रही है।” प्रियंका गांधी ने कहा, “यह गांधी जी का अपमान है। सारे इतिहास को बदल डालेंगे?” कांग्रेस ने यह भी कहा कि काम के दिनों बढ़ाने से पहले बकाया मजदूरी दें। विपक्ष ने इसे 2027 चुनावी स्टंट बताया।
BJP का बचाव: विकास और श्रद्धांजलि का दावा
BJP ने आरोपों का खंडन किया। अमित शाह ने कहा, “यह गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। कांग्रेस ने मनरेगा में भ्रष्टाचार किया, हमने सुधारा।” योगी आदित्यनाथ ने कहा, “125 दिन काम से किसानों को लाभ मिलेगा। नाम बदलाव से गांधी जी अमर रहेंगे।” BJP ने कहा कि कांग्रेस नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि योजना का लाभ जनता को है।
राजनीतिक प्रभाव: 2027 चुनाव से पहले हलचल
यह जंग 2027 UP चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा रही है। मुख्य प्रभाव:
- कांग्रेस को गांधी परिवार के नाम पर हमला का मौका।
- BJP को विकास और सुधार का दावा।
- ग्रामीण वोट बैंक पर असर – मनरेगा से 5 करोड़+ परिवार जुड़े।
- सोशल मीडिया पर #ManregaVsBapuYojana ट्रेंड।