बीआरडी मेडिकल कॉलेज में
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मरीज माफिया के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल निजी एंबुलेंसों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पिछले 12 दिनों में पुलिस ने चार एंबुलेंस को सीज कर दिया है, जिससे इस नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
🔍 क्या है पूरा मामला?
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज माफिया का जाल एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। आरोप है कि बिचौलिए मरीजों के परिजनों को बहला-फुसलाकर उन्हें निजी अस्पतालों में ले जाने की कोशिश करते हैं।
इसी क्रम में मंगलवार सुबह एक संदिग्ध एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज परिसर में खड़ी मिली। पुलिस की नजर पड़ते ही एंबुलेंस चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया।
🚑 एंबुलेंस सीज, जांच तेज
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया और उसे सीज कर दिया।
जांच में पता चला कि पकड़ी गई एंबुलेंस का पंजीकरण जेल बाईपास रोड स्थित आरुही हॉस्पिटल के नाम पर है। इससे पहले भी इसी तरह की एंबुलेंसों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
पहले भी हुई कार्रवाई
इससे पहले स्पोर्ट्स कॉलेज के पास स्थित वेदना मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के नाम से पंजीकृत एक एंबुलेंस को भी पुलिस ने सीज किया था।
गार्ड की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो पता चला कि एंबुलेंस के जरिए मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने का प्रयास किया जा रहा था।
📊 12 दिनों में 4 एंबुलेंस सीज
पिछले 12 दिनों में मेडिकल चौकी पुलिस ने अलग-अलग निजी अस्पतालों की कुल 4 एंबुलेंस को सीज किया है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुलिस अब मरीज माफिया के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और
ऐसे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
👮 पुलिस की सख्ती और निगरानी
गुलरिहा थाना पुलिस और मेडिकल चौकी पुलिस की सक्रियता के चलते
अब बीआरडी परिसर में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह करने वाले
किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📢 मरीजों और परिजनों के लिए जरूरी सलाह
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अस्पताल न बदलें
- केवल सरकारी या अधिकृत एंबुलेंस का ही उपयोग करें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें
गोरखपुर में मरीज माफिया के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि
अब ऐसे गिरोहों को बख्शा नहीं जाएगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगातार हो रही सख्ती से उम्मीद है कि
मरीजों का शोषण करने वाले नेटवर्क पर जल्द ही पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी।
