संभल में रंग एकादशी
संभल में त्योहारों से पहले हाई अलर्ट: पुलिस का फ्लैग मार्च
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आने वाले त्योहारों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। रंग एकादशी, होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस, आरआरएफ (रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स) और पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के जवानों ने पैदल फ्लैग मार्च निकाला। इस मार्च के जरिए न केवल शांति व्यवस्था का संदेश दिया गया, बल्कि सुरक्षा तैयारियों का जमीनी स्तर पर जायजा भी लिया गया।
एसपी का निरीक्षण: संवेदनशील क्षेत्रों पर फोकस
संभल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने खुद संवेदनशील इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। एसपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने शहर के मुख्य बाजारों, मस्जिदों, मंदिरों, गलियों और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर गश्त की। जवानों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। इस मार्च से शहरवासियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
500 लोगों पर पाबंदी: संभावित तत्वों पर नजर
पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर संभल में करीब 500 लोगों पर नजर रखने और पाबंदी लगाने का फैसला किया है। ये लोग वे हैं जिनका आपराधिक इतिहास रहा है या जो पहले किसी सांप्रदायिक तनाव में शामिल पाए गए हैं। इन पर धारा 107/116 के तहत पाबंदी लगाई गई है, ताकि वे त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न फैला सकें। पुलिस ने इन लोगों को थाने बुलाकर चेतावनी दी है और उनके मूवमेंट पर सतत निगरानी रखी जा रही है। यह कदम संभल की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए लिया गया है, जहां छोटी सी बात भी बड़ी समस्या बन सकती है।
त्योहारों की तैयारियां: पुलिस का प्लान क्या है?
संभल में रंग एकादशी, होली और रमजान एक साथ पड़ने के कारण पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई है। प्रमुख बिंदु:
- संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे फ्लैग मार्च और गश्त।
- सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई।
- आरआरएफ और पीएसी की अतिरिक्त कंपनियां तैनात।
- थानों में कंट्रोल रूम सक्रिय, त्वरित प्रतिक्रिया टीम तैयार।
- धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा बल।
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त नजर।
- स्थानीय शांति समितियों के साथ समन्वय।
पुलिस का उद्देश्य है कि सभी समुदाय मिलकर त्योहार मनाएं और कोई तनाव न हो। एसपी ने कहा कि शांति बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
संभल की संवेदनशीलता: क्यों जरूरी है अतिरिक्त सतर्कता?
संभल जिला उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में शामिल है जहां धार्मिक संवेदनशीलता ज्यादा है।
पिछले कुछ वर्षों में यहां छोटे-मोटे विवाद बड़े रूप ले चुके हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान पुलिस की यह सक्रियता सराहनीय है।
फ्लैग मार्च और पाबंदी जैसे कदम न केवल अपराध रोकते हैं, बल्कि लोगों में
विश्वास भी जगाते हैं कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
जनता से अपील: त्योहार शांति से मनाएं
पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे त्योहारों को खुशी और सद्भाव के साथ मनाएं।
किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और संदिग्ध गतिविधि देखने पर
तुरंत पुलिस को सूचित करें। यदि सभी पक्ष सहयोग करेंगे तो संभल में यह होली,
रंग एकादशी और रमजान यादगार और शांतिपूर्ण बन सकता है।