उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पशु तस्करी के खिलाफ उठाए गए नए सख्त कदमों से जुड़ी है
इसमें प्रशासन द्वारा जिले के सभी पिकअप वाहन मालिकों को तस्करी के मामलों में संभावित आरोपी मानने और थाने बुलाकर उनका प्रोफार्मा भरवाने जैसे प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई है।
पशु तस्करी पर प्रशासनिक कार्रवाईगोरखपुर जिले में पशु तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने एक नई नीति बनाई है
इसका मकसद ये है कि जिले से किसी भी दशा में पशु तस्करी न हो सके। प्रशासन ने नोटिस जारी किया है कि अगर किसी पिकअप वाहन में पशुओं के साथ वह पकड़ा जाता है, तो वाहन मालिक को भी तस्करी का आरोपी माना जाएगा।थाने बुलाकर प्रोफार्मा भरवानाजिले में कुल 872 पिकअप वाहन हैं।
इन सभी के मालिकों को संबंधित थाने में बुलाकर एक फार्म भरवाया जाएगा। इसमें उनके नाम, पता, मोबाइल नंबर व सभी वाहन की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि भविष्य में किसी तस्करी के मामले में वाहन मालिकों से आसानी से पूछताछ की जा