लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक नया ऐतिहासिक स्मारक तैयार हो चुका है। 65 एकड़ में फैला ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संस्कृति और वीरों की गाथाओं को समर्पित है। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की 11 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 दिसंबर 2025 को इस स्थल का लोकार्पण करेंगे। यह प्रोजेक्ट योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को भारत की गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है। स्मृति उपवन, संग्रहालय, एम्फीथिएटर और थीम गार्डन से सजा यह स्थल पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए नया आकर्षण बनेगा। इस ब्लॉग में हम राष्ट्र प्रेरणा स्थल की पूरी डिटेल्स, विशेषताएं, निर्माण लागत, PM के लोकार्पण और इसके महत्व पर चर्चा करेंगे।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल: 65 एकड़ में भारत की गौरव गाथा
यह स्थल गोमती नदी के किनारे लखनऊ के हजरतगंज के पास बनाया गया है। मुख्य विशेषताएं:
- स्मृति उपवन: स्वतंत्रता संग्राम के 100+ वीरों की प्रतिमाएं और उनकी कहानियां।
- संग्रहालय: 1857 की क्रांति, गांधी जी, सुभाष चंद्र बोस और अन्य नेताओं के दस्तावेज।
- एम्फीथिएटर: 10,000 दर्शकों की क्षमता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए।
- थीम गार्डन: रामायण, महाभारत और भारतीय संस्कृति पर आधारित बगीचे।
- डिजिटल गैलरी: VR और AR से इतिहास को जीवंत अनुभव।
निर्माण में 500 करोड़ रुपये की लागत आई है।
PM मोदी का लोकार्पण: 15 दिसंबर को भव्य समारोह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 दिसंबर को इस स्थल का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में:
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
- 1000+ स्कूली बच्चे और साधु-संत शामिल।
- योगी आदित्यनाथ और अन्य मंत्री मौजूद रहेंगे।
मोदी ने कहा, “यह स्थल युवाओं को भारत की गौरवशाली इतिहास से जोड़ेगा।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: गर्व और उत्साह
लखनऊ के निवासियों ने इस स्थल का स्वागत किया। एक स्थानीय ने कहा, “यह गोरखपुर-लखनऊ के बीच नया पर्यटन केंद्र बनेगा।” पर्यटन विभाग ने कहा, “हर साल 10 लाख+ पर्यटक आएंगे।”
प्रोजेक्ट का महत्व: पूर्वांचल और यूपी का विकास
यह स्थल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करेगा। इससे:
- पर्यटन बढ़ेगा।
- रोजगार के नए अवसर।
- युवाओं में देशभक्ति का भाव।
- लखनऊ को नया पर्यटन हब बनाने में मदद।