प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़-मोरान हाईवे पर देश की पहली ‘इमर्जेंसी लैंडिंग फैसिलिटी’ का भव्य उद्घाटन किया, जो विमानन सुरक्षा और पूर्वोत्तर विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह सुविधा न केवल आपातकालीन स्थितियों में विमानों को सुरक्षित लैंडिंग प्रदान करेगी, बल्कि रक्षा और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखेगी। पीएम मोदी ने खुद इस हाईवे पर विशेष विमान से लैंडिंग कर इस परियोजना को जन-जन तक पहुंचाया, जिससे पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ गई। असम सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से बनी यह फैसिलिटी 3 किलोमीटर लंबी है, जो सामान्य हाईवे के रूप में कार्य करती है लेकिन जरूरत पड़ने पर रनवे में बदल जाती है। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित की गई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से लैस है।
असम के डिब्रूगढ़-मोरान हाईवे पर इमर्जेंसी लैंडिंग सुविधा
डिब्रूगढ़-मोरान हाईवे पर स्थित यह इमर्जेंसी लैंडिंग स्ट्रिप पूर्वोत्तर भारत की रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह सुविधा असम सहित पूरे क्षेत्र की हवाई सुरक्षा को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगी, खासकर दुर्गम इलाकों में जहां पारंपरिक एयरपोर्ट्स सीमित हैं। कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए, जहां पीएम ने हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों की डेमो लैंडिंग का प्रदर्शन भी देखा। यह फैसिलिटी अमेरिका और यूरोप जैसे देशों की तर्ज पर तैयार की गई है, जहां हाईवे पर ही इमर्जेंसी रनवे बनाए जाते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे मोदी सरकार की पूर्वोत्तर के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। इस परियोजना की लागत लगभग 200 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो बजट में पूर्वोत्तर विकास के लिए आवंटित धनराशि का हिस्सा है।
पीएम मोदी का असम दौरा: हाईवे पर ऐतिहासिक लैंडिंग
इस इमर्जेंसी लैंडिंग फैसिलिटी की मुख्य विशेषताएं इसे अनोखा बनाती हैं। यहां 3 किमी लंबा और 40 मीटर चौड़ा स्ट्रिप है, जो बोइंग-747 जैसे बड़े विमानों को भी संभाल सकता है। विशेषताएं включают स्पेशल कोटिंग वाली सतह, जो विमान के पहियों को मजबूत ग्रिप प्रदान करती है, साथ ही LED लाइटिंग सिस्टम, जो रात में भी लैंडिंग संभव बनाता है। इसके अलावा, आसपास के 500 मीटर क्षेत्र को क्लियर रखा गया है, ताकि कोई बाधा न हो। NHAI ने इसे ‘हाईवे रनवे’ नाम दिया है, जो आपात स्थिति जैसे प्राकृतिक आपदा, चिकित्सा इमरजेंसी या सैन्य ऑपरेशन में उपयोगी सिद्ध होगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है, क्योंकि निर्माण में भारतीय इंजीनियरों और सामग्री का प्रमुख उपयोग हुआ। असम के ऊपरी असम क्षेत्र में स्थित यह स्ट्रिप डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट से मात्र 30 किमी दूर है, जो इसे और प्रभावी बनाता है।
भारत की पहली हाईवे इमर्जेंसी एयरस्ट्रिप की विशेषताएं
पीएम मोदी का असम दौरा पूर्वोत्तर के विकास को गति देने का संकल्प दर्शाता है। उद्घाटन से पहले उन्होंने डिब्रूगढ़ में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिसमें स्कूल, अस्पताल और सड़कें शामिल हैं। यह फैसिलिटी न केवल सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि पूर्वोत्तर के हवाई यातायात में वृद्धि हो रही है। विमानन मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में ऐसी 10 और फैसिलिटीज देशभर में बनेंगी, जिनमें उत्तर प्रदेश और बिहार भी शामिल हैं। असम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित यह हाईवे अब राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन चुका है। स्थानीय लोगों ने पीएम के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की, क्योंकि इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
पूर्वोत्तर विकास में नया आयाम: मोदी सरकार की उपलब्धि
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह इमर्जेंसी लैंडिंग फैसिलिटी भारत की वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। चीन सीमा के निकट असम में यह स्ट्रिप सैन्य विमानों को त्वरित तैनाती की सुविधा देगी। पीएम ने भाषण में कहा, “यह सुविधा हमारे जांबाज वायुसैनिकों को मजबूत ढाल प्रदान करेगी।” उद्घाटन के दौरान IAF के सुखोई और मिग विमानों ने सफल लैंडिंग की, जो दर्शकों के लिए रोमांचक क्षण था। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परियोजना संतुलित है, क्योंकि हाईवे के मौजूदा ढांचे का उपयोग किया गया है। केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत यह कदम पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ रहा है। असम विधानसभा में भी इसकी चर्चा हुई, जहां इसे ऐतिहासिक बताया गया।इस परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलू उन्नत हैं।
स्ट्रिप पर ग्रेडेड कोंक्रीट का उपयोग हुआ है, जो उच्च दबाव सहन कर सकता है। मौसम रडार और वायु ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम इसे 24×7 सक्रिय रखते हैं। पीएम मोदी ने डिजिटल इंडिया के तहत इसे ऐप से मॉनिटर करने योग्य बनाया। डिब्रूगढ़ के निवासियों के लिए यह गर्व का विषय है, क्योंकि अब उनका क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र बनेगा। आने वाले समय में IPL मैचों या बड़े आयोजनों के दौरान भी इसका उपयोग हो सकता है। मोदी सरकार की 8 वर्षों की उपलब्धियों में यह एक और मील का पत्थर है।