योजना का परिचय और महत्व
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC) बाहुल्य गांवों (जहां SC आबादी 50% या अधिक हो, या कुछ मामलों में 40% से अधिक) का एकीकृत और सर्वांगीण विकास करना है। योजना के तहत चयनित प्रत्येक गांव को केंद्र से 20 लाख रुपये की गैप-फिलिंग फंडिंग मिलती है, जो अन्य सरकारी योजनाओं से कवर न होने वाले विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होती है।
यह राशि सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आवास और आजीविका जैसे क्षेत्रों में खर्च की जाती है। उत्तर प्रदेश में यह योजना विशेष रूप से प्रभावी साबित हो रही है, जहां हजारों SC-प्रधान गांवों का चयन हो चुका है।
प्रतापगढ़ जिले में 57 गांवों का चयन: बड़ी उपलब्धि
2026 में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुल 57 गांवों का चयन किया गया है। ये गांव अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक वाले हैं। जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने इन गांवों को मॉडल गांव बनाने के लिए चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है।
प्रत्येक चयनित गांव को 20-20 लाख रुपये की धनराशि जारी की जाएगी। यह फंड गांव विकास योजना (Village Development Plan – VDP) के आधार पर खर्च होगा, जिसे जिला स्तरीय समिति (DLCC) द्वारा अनुमोदित किया जाता है। मुख्य विकास कार्यों में शामिल हैं:
- बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी
- स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता सुविधाएं
- शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन
- स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था
- आजीविका बढ़ाने वाले कार्यक्रम
यह चयन प्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक समानता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। स्थानीय निवासियों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा और गांव आदर्श के रूप में अन्य क्षेत्रों के लिए मिसाल बनेंगे।
योजना कैसे काम करती है?
PMAGY में गांवों का चयन 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाता है। पहले 50% से अधिक SC आबादी वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाती है। चयन के बाद:
- गांव में बेसलाइन सर्वे होता है।
- 5 साल की विलेज डेवलपमेंट प्लान (VDP) तैयार की जाती है।
- केंद्र से 20 लाख (कभी-कभी अतिरिक्त 5 लाख तक) जारी होते हैं।
- राज्य और जिला स्तर पर अन्य योजनाओं का समन्वय किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में अब तक हजारों गांव इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं, और 2026 में प्रतापगढ़ जैसे जिलों में नई लिस्ट ने उत्साह बढ़ाया है।
लाभ और भविष्य की संभावनाएं
यह योजना न केवल बुनियादी सुविधाएं प्रदान करती है,
बल्कि सामाजिक समानता को मजबूत करती है।
SC समुदाय के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलते हैं।
प्रतापगढ़ के 57 गांवों के विकास से पूरे जिले में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यदि कार्य समय पर पूरे होते हैं,
तो ये गांव उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए मॉडल बन सकते हैं।
सरकार लगातार फंड रिलीज और मॉनिटरिंग पर फोकस कर रही है।
ग्रामीण भारत की नई उम्मीद
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रतापगढ़ जिले के 57 गांवों का चयन इसकी सफलता का प्रमाण है।
आइए उम्मीद करें कि ये गांव जल्द ही सच्चे अर्थों में ‘आदर्श’ बनें और विकास की नई मिसाल पेश करें।