लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के आठ शहरों की ऐतिहासिक इमारतों को हेरिटेज होटल में बदलने की योजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
इस योजना के तहत लखनऊ के आलमबाग भवन सहित आठ जिलों की 10 प्राचीन धरोहरों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं, जिनकी अंतिम तिथि 27 नवंबर है।
इस प्रक्रिया में देश भर की कंपनियों को निवेश का मौका मिलेगा।पर्यटन विभाग की इस पहल का मकसद प्रदेश के प्राचीन धरोहरों का संरक्षण करते हुए उन्हें पर्यटन के लिहाज से उपयोगी बनाना है।
हेरिटेज होटल के रूप में विकसित इन इमारतों का संचालन पर्यटकों से मिलने वाले शुल्क पर होगा। लखनऊ में आलमबाग भवन के अलावा रोशनउद्दौला कोठी, कोठी गुलिस्ता ए इरम जैसी कई स्थापत्य धरोहरों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों की ऐतिहासिक इमारतों को भी इसी तरह विकास किया जाएगा।यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलकर स्थानीय रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर है और निजी कंपनियों को प्रस्तावों का स्वागत कर संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को मजबूत करना चाहती है।संक्षेप में, यूपी सरकार पुरानी ऐतिहासिक इमारतों को पुनः विकसित कर उन्हें होटल और पर्यटन केंद्र के रूप में बदलने जा रही है,
जिसमें लखनऊ समेत आठ जिलों की 10 प्रमुख धरोहरें शामिल हैं। यह परिवर्तन पीपीपी मॉडल पर होगा और निवेशकों के लिए खुले द्वार होंगे