शहर क्षेत्र में तीन साल में हुई रजिस्ट्री में फर्जी पैन कार्ड लगाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फर्जी पैन नंबर लगाकर हुई जमीनों की रजिस्ट्री की जांच कर रही आयकर विभाग की टीम को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में 10 रजिस्ट्री में पैन कार्ड संदिग्ध मिले हैं। इनमें सात बड़ी रजिस्ट्री हैं, जिसमें शहर के डॉक्टर, बिल्डर और इंडस्ट्री निवेशक किए हुए हैं। अब इनको मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इन सभी रजिस्ट्री के मूल दस्तावेजों को आयकर विभाग की टीम के मांगने पर पंजीयन कार्यालय ने भेज दिया है।
बीते छह अगस्त को लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने पंजीयन कार्यालय पहुंचकर जांच की थी। 100 रजिस्ट्री के रैंडम जांच में 70 में लोन और 10 में फर्जी मिले थे। करीब 10 घंटे की जांच के बाद टीम ने गोरखपुर के महानगर क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2025 में हुए 54 बड़े रजिस्ट्री का रिकॉर्ड और 75 बड़ी रजिस्ट्री के दस्तावेजों के साथ भेजा था।
अब इन रजिस्ट्री की जांच शुरू हो गई है।
नौ अगस्त को आयकर विभाग ने पंजीयन अधिकारियों से 10 रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज मांगे लिए।
हालांकि, इस मामले में पंजीयन कार्यालय के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सात रजिस्ट्री में लगे फर्जी पैन कार्ड की मिलान करने पर पाया गया कि 75 बड़ी रजिस्ट्री में भी इसे ही लगाया गया है।
आयकर टीम अब रजिस्ट्री कराने वालों के बैंक खातों का मिलान करेगी ताकि रकम के लेन-देन का मिलान हो और यह रजिस्ट्री में वास्तविक मालिकाना हक छिपाने की कोशिश तो नहीं हुई है।
