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एसआईआर पर विपक्ष का मार्च, राहुल समेत कई नेता हिरासत में, बाद में रिहा
चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च, पुलिस ने रोका तो सांसद सड़क पर बैठे
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ सोमवार को राजधानी दिल्ली की सियासत गरम रही। संसद परिसर में लगातार प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के Derek O’Brien समेत विपक्षी सांसदों को बसों से संसद मार्ग थाने ले जाया गया, जहां उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। विपक्ष मार्च के दौरान तृणमूल की सांसद महुआ मोइत्रा बेहोश हो गईं, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
विपक्ष के मार्च को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस बैरिकेड लगाकर रोक रही थी, लेकिन सांसदों ने संसद से बाहर निकलते ही मार्च शुरू कर दिया। आगे नहीं बढ़ने का आग्रह किया गया, लेकिन विपक्षी नेता नहीं माने और सड़क पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सिर्फ अधिकृत संख्या में प्रदर्शन की अनुमति दी, अन्य को रोक दिया गया। इस बीच सभी सांसद चुनाव आयोग दफ्तर तक जाने की जिद पर अड़े रहे, पर उन्हें पीटीएमसी भवन के पास रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस ने सभी को बसों में भरकर थाने ले गई और बाद में रिहा कर दिया।
राहुल गांधी, महुआ मोइत्रा, संजय राउत, इमरान प्रतापगढ़ी समेत प्रदर्शन कर रहे कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
भाजपा ने कहा – अस्थिरता फैलाने की सुनियोजित साजिश
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर भाजपा ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप तक सीमित नहीं है। यह देश में अस्थिरता व अशांति पैदा करने की एक सुनियोजित साजिश है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम कर रहा है और बिहार की मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा बहाना है।