सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक
गोरखपुर। वर्ष के अंतिम सोमवार पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया और लोक मंगल की कामना की। यह पूजा हवन के साथ संपन्न हुई, जिसमें सीएम योगी ने पूर्ण श्रद्धा से भाग लिया। यह आयोजन 29 दिसंबर 2025 को हुआ, जब वर्ष का अंतिम सोमवार था।
रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने की विशेष पूजा है और सोमवार का दिन शिव को समर्पित होता है। सीएम योगी ने मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक किया और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। हवन में आहुतियां देकर पूजा संपन्न हुई। गोरखनाथ मंदिर में यह दृश्य भक्तिमय था और हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं और परंपरा के अनुसार पूजा करते हैं। इस रुद्राभिषेक में लोक मंगल, शांति और समृद्धि की कामना प्रमुख थी।
सीएम ने कहा कि सनातन परंपरा का पालन सेवा और भक्ति का संदेश देता है। यह पूजा वर्ष के अंत में विशेष महत्व रखती है। मंदिर में विशेष सजावट और भजन-कीर्तन हुए। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सीएम योगी ने पूजा के बाद प्रसाद वितरित किया और लोगों से बात की। यह आयोजन सनातन धर्म की जीवंतता दिखाता है। रुद्राभिषेक से शिव कृपा और लोक कल्याण की कामना की जाती है।
सीएम योगी की यह भक्ति जनता को प्रेरित करती है। गोरखनाथ मंदिर पूर्वांचल का प्रमुख केंद्र है। यह पूजा नए साल की सकारात्मक शुरुआत का संदेश देती है। यदि आप शिव भक्त हैं, तो ऐसे आयोजन प्रेरणा देते हैं। इस ब्लॉग में हम रुद्राभिषेक की डिटेल्स, महत्व और संदेश बताएंगे। भक्ति शुभ हो!
रुद्राभिषेक का विवरण: अंतिम सोमवार पर पूजा
वर्ष के अंतिम सोमवार पर पूजा हुई। मुख्य बातें:
- गोरखनाथ मंदिर।
- सीएम योगी ने रुद्राभिषेक।
- मंत्रोच्चार और जलाभिषेक।
- हवन आहुतियां।
- लोक मंगल कामना।
- विशेष सजावट।
- श्रद्धालु शामिल।
पूजा भक्तिमय रही।
लोक मंगल कामना: देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि
सीएम योगी ने प्रार्थना की:
- देश शांति।
- प्रदेश समृद्धि।
- जनता सुखी।
- अन्याय खत्म।
- एकता मजबूत।
- नए साल शुभ।
- शिव कृपा।
कामना लोक कल्याण के लिए।
हवन संपन्न: पूजा का समापन
*हवन से पूजा पूरी:
- आहुतियां।
- मंत्र जाप।
- प्रसाद वितरण।
- भजन-कीर्तन।
- श्रद्धालु उत्साह।
- ठंड में भक्ति।
- संदेश शुभ।
हवन से ऊर्जा फैली।
सनातन परंपरा: सीएम का समर्पण
सीएम योगी ने परंपरा निभाई:
- महंत के रूप में।
- सोमवार रुद्राभिषेक।
- सनातन श्रद्धा।
- सेवा और भक्ति।
- जनता प्रेरणा।
- गोरखनाथ विरासत।
- धार्मिक एकता।
परंपरा जीवित रही।
श्रद्धालुओं का उत्साह: भीड़ और भक्ति
लोग उत्साहित:
- हजारों शामिल।
- ठंड बावजूद।
- दर्शन प्रसाद।
- भजन।
- नए साल कामना।
- सीएम स्वागत।
- आशीर्वाद।
उत्साह देखते बनता था।