लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सैकड़ों बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति में “बुद्धं शरणं गच्छामि” का उद्घोष हुआ और पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बन गया।
बौद्ध भिक्षुओं ने दिया शांति और समानता का संदेश
कार्यक्रम में शामिल भिक्षुओं ने वंदना और उपदेशों के माध्यम से समाज को शांति, करुणा और समानता का संदेश दिया। गौतम बुद्ध के सिद्धांतों को याद करते हुए लोगों से आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई।
अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय चुनौतियों से भरा है और समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
उन्होंने लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास के संकल्प को भी दोहराया।
सामाजिक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। एक भिक्षु ने मुलायम सिंह यादव के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं के लिए उनके योगदान का उल्लेख किया।
साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए संसद में आरक्षण की मांग भी उठाई गई।
RSS पर टिप्पणी
कुछ वक्ताओं ने RSS पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह संगठन महिलाओं के पक्ष में नहीं रहा है।
इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा भी देखने को मिली।
बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश मजबूत हुआ।
कार्यक्रम ने यह दिखाया कि बौद्ध विचारधारा आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है।
लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं था,
बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने का भी मंच बना।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शांति, समानता और एकता का संदेश समाज तक पहुंचाया गया।