पड़ोसी राज्यों में यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। एयरपोर्ट ने यात्रियों की सुविधा के लिए यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड समेत चार राज्यों के 25 से अधिक शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने का समझौता किया है।
इस पहल से एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद के अलावा आगरा, अलीगढ़, मथुरा, वृंदावन, हाथरस समेत बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, हापुड़, मुरादाबाद और शिकोहाबाद जैसे उत्तर प्रदेश के कई अहम शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।यात्रियों को बेहतर एक्सेस देने के लिए UPSRTC के साथ समझौते के तहत यह बस सेवा शुरू की जा रही है, जो एयरपोर्ट की पहुंच को दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, चंडीगढ़, देहरादून, हरिद्वार जैसे बड़े पड़ोसी शहरों तक बढ़ाएगी।
साथ ही, हरियाणा रोडवेज, उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनाया जाएगा, जिससे यात्री कम समय में और सुविधा के साथ विभिन्न गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सड़क और रेल से भी जोड़ने की बड़ी तैयारियां चल रही हैं। एयरपोर्ट सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी के लिए लिंक रोड बनाई जा रही है।
इसके साथ ही, दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कारिडोर से भी एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा, जिससे दिल्ली से केवल 21 मिनट में यहां पहुंचा जा सकेगा।
यात्रियों की अंतिम मंजिल तक पहुंच को आसान बनाने के लिए एयरपोर्ट से 200 इलेक्ट्रिक बसों की सेवा भी शुरू हो रही है, जो पड़ोसी राज्यों से आने वाले यात्रियों को पर्यावरण के अनुकूल सुरक्षित और आरामदायक सफर प्रदान करेंगी। इस तरह, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी एक मजबूत ट्रांसपोर्ट हब बनकर उभरेगा, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
दृष्टि से, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि नोएडा एयरपोर्ट से पड़ोसी राज्यों में ट्रांसपोर्ट सुविधा बढ़ रही है, आप निम्न कीवर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं: “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बस सेवा”, “नोएडा एयरपोर्ट से पड़ोसी राज्यों की कनेक्टिविटी”, “उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लिए नोएडा एयरपोर्ट”, “नोएडा एयरपोर्ट से हरियाणा, उत्तराखंड बसें”, “नोएडा एयरपोर्ट मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क”।इस विस्तार से समझा जा सकता है कि नोएडा एयरपोर्ट से पड़ोसी राज्यों में यात्रा करना न केवल आसान, बल्कि तेज और आरामदायक भी होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं और कनेक्टिविटी मिलेगी। यह पहल क्षेत्रीय एकता और आर्थिक समृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
