Noida Airport उद्घाटन: पीएम मोदी, सीएम योगी व राज्यपाल के लिए 5 हेलीपैड तैयार, दिसंबर 2025 में लॉन्च
मेटा डिस्क्रिप्शन: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दिसंबर 2025 में उद्घाटन, पीएम मोदी के हाथों। ग्रेटर नोएडा में 5 हेलीपैड तैयार, जनसभा पंडाल का निर्माण। योगी सरकार की मेगा प्रोजेक्ट पर अपडेट, आर्थिक प्रभाव और कनेक्टिविटी बूस्ट। जानें पूरी डिटेल्स।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उद्घाटन दिसंबर 2025 में होने जा रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल के लिए विशेष 5 हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। यह एयरपोर्ट पहली चरण में घरेलू उड़ानों और कार्गो सेवाओं के साथ शुरू होगा, जो 2027 विधानसभा चुनावों से पहले योगी सरकार की विकास प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। आइए, इस मेगा प्रोजेक्ट की गहराई में उतरें और समझें कि यह कैसे यूपी को एविएशन हब बनाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट: एक झलक परियोजना पर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) उत्तर प्रदेश का दूसरा प्रमुख हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भीड़ को कम करेगा। 2021 में पीएम मोदी द्वारा शिलान्यासित इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 10,056 करोड़ रुपये है, जिसमें पहला चरण 1,334 करोड़ में पूरा हो चुका है। 1,200 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा होगा, जिसमें 4 रनवे, 2 टर्मिनल और 100 मिलियन यात्रियों की क्षमता होगी।
दिल्ली से मात्र 72 किमी दूर जेवर में स्थित यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा है, जो यात्रा समय को आधा कर देगा। स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल द्वारा डेवलप किया जा रहा यह PPP मॉडल पर आधारित है। दिसंबर 2025 में उद्घाटन के बाद अप्रैल 2026 से पूर्ण व्यावसायिक संचालन शुरू होगा। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
उद्घाटन की तैयारियां: 5 हेलीपैड और जनसभा का पंडाल
दिसंबर 2025 के मध्य तक उद्घाटन की उम्मीद है, जिसमें पीएम मोदी मुख्य अतिथि होंगे। हालिया अपडेट्स के अनुसार, एयरपोर्ट साइट पर 5 हेलीपैड का निर्माण तेजी से चल रहा है – एक पीएम मोदी, एक सीएम योगी आदित्यनाथ, एक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, एक केंद्रीय मंत्री और एक अतिथियों के लिए। ये हेलीपैड उच्च सुरक्षा मानकों के साथ बनाए जा रहे हैं, ताकि उद्घाटन समारोह सुचारू रूप से हो।
इसके अलावा, लाखों लोगों की जनसभा के लिए विशाल पंडाल तैयार हो रहा है,
जहां ‘मिशन 2027’ का आगाज होगा। सीएम योगी ने हाल ही में साइट का निरीक्षण किया,
जहां डीजीसीए लाइसेंस की अंतिम मंजूरी मिलने की पुष्टि हुई।
खरमास (14 दिसंबर से) से बचने के लिए उद्घाटन 15 दिसंबर से पहले तय हो सकता है।
यह आयोजन यूपी की सियासत में भी मील का पत्थर साबित होगा,
क्योंकि यह विकास मॉडल को विपक्ष के खिलाफ हथियार बनेगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव: NCR का नया गेटवे
नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन से दिल्ली-एनसीआर का ट्रैफिक दबाव 30% कम होगा।
पहले चरण में 12 मिलियन यात्रियों और 1 लाख टन कार्गो की क्षमता होगी
, जो टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को बूस्ट देगा।
ग्रेटर नोएडा में पहले से ही एयरपोर्ट प्रभाव
से प्रॉपर्टी वैल्यू 20-25% बढ़ चुकी है, और नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं।
किसानों के लिए भी राहत है – तीसरे चरण में भूमि अधिग्रहण मुआवजा
3,100 से बढ़ाकर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया।
रोजगार सृजन में यह प्रोजेक्ट 50,000 नौकरियां पैदा करेगा।
