उत्तर प्रदेश में राज्य विद्युत निगम की ओर से लगातार छठे साल बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी उपभोक्ताओं को वही बिजली दरें लागू रहेंगी जो पिछली पांच सालों से हैं। यह निर्णय विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने लिया है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली महंगी नहीं होगी।साथ ही, विद्युत वितरण में हो रही हानियों को कम करने के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोग ने विद्युत चोरी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है और बिल बकाया वाले उपभोक्ताओं के लिए बिल राहत योजना भी शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत जो उपभोक्ता बिजली चोरी या बिल बकाया के मामलों में फंसे हैं, उन्हें पंजीकरण कराकर एफआईआर और मुकदमे से राहत मिल सकेगी। इसके अलावा, बिल चुकाने पर ब्याज में छूट और मूलधन पर भी खास छूट दी जाएगी।
साथ ही, विद्युत वितरण में हो रही हानियों को कम करने के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोग ने विद्युत चोरी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है और बिल बकाया वाले उपभोक्ताओं के लिए बिल राहत योजना भी शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत जो उपभोक्ता बिजली चोरी या बिल बकाया के मामलों में फंसे हैं, उन्हें पंजीकरण कराकर एफआईआर और मुकदमे से राहत मिल सकेगी। इसके अलावा, बिल चुकाने पर ब्याज में छूट और मूलधन पर भी खास छूट दी जाएगी।
मुख्य बिंदु:
बिजली दरों में लगातार छठे साल कोई वृद्धि नहीं
, यानि 2025-26 में भी दरें यथावत।वितरण हानि कम करने का लक्ष्य,
वित्तीय वर्ष 2029-30 तक 10.74% तक ले जाना।
बिजली चोरी पर कड़ी निगरानी और पंजीकरण के बाद कानूनी मामलों का निस्तारण।’
बिल राहत योजना’ से बिल बकाये और चोरी के मामलों में दबाव कम होगा।
उपभोक्ताओं को छूट और सरचार्ज माफी मिलने की व्यवस्था।
यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए खासा लाभकारी है क्योंकि पिछले पांच सालों में भी बिजली की दरों में वृद्धि नहीं हुई है, जिससे उनका बोझ कम रहा है। प्रभावित ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता दोनों को इसका फायदा मिलेगा। यह योजना बिजली चोरी को रोकने और निगम के राजस्व घाटे को कम करने के लिए भी अहम है।
लखनऊ राज्य विद्युत निगम ने 6वें साल बिजली दरों में वृद्धि न करने का ऐलान, चोरी पर भी कड़ी लगाउत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार छठे साल राहत मिलेगी।
विद्युत वितरण हानि कम करने के लिए लक्षित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और बिजली चोरी रोकने के लिए पंजीकरण के साथ कानूनी कार्रवाई को आसान बनाया गया है। ‘बिल राहत योजना’ के तहत बिजली चोरी और बिल बकाये पर छूट एवं सरचार्ज माफी की सुविधा भी दी जा रही है। यह निर्णय उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है और निगम के राजस्व घाटे को कम करने में मदद करेगा।म”