समाजिक निषादों का उल्लेख उन जनजातियों के रूप में किया गया है उनके निवास के लिए पहाड़ियों और जंगल नदी पोखर तालाब के किनारे निवास करना और वहां से अपना जीविका चलाना और यही लोग भारत के मूल निवासी हैं Fisherman World News May 18, 2024 Oplus_0 About the Author Fisherman World News Administrator Visit Website View All Posts Post Views: 142 Post navigation Previous: निषाद समाज का इतिहासकार गोरखपुर के अंतिम राजा केवट के नए वंशज कुंवर हरी लाल निषादNext: आप मुझे गिरफ्तार मत कीजिए…’,बीती रात से ही दिल्ली पुलिस के संपर्क में था बिभव; पढ़ें गिरफ्तारी की इनसाइड स्टोरी Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Related Stories समाजिक कश्मीर से इंसानियत की मिसाल: ईरान की मदद के लिए लोगों ने दान किए गहने, सोना और नकद Fisherman World News March 23, 2026 समाजिक ईद-उल-फितर 2026: बेलघाट गोरखपुर में शांति और भाईचारे के साथ मनाई गई ईद, पुलिस रही पूरी तरह मुस्तैद Fisherman World News March 22, 2026 समाजिक गोरखपुर में 24 मार्च को वैश्य महाकुंभ सम्मान समारोह: भव्य आयोजन, भजन उत्सव और सम्मान कार्यक्रम Fisherman World News March 22, 2026