लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों के लिए एक और क्रांतिकारी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 दिसंबर 2025 को कहा कि राज्य में जन्म से लेकर पढ़ाई पूरी होने तक हर बेटी को ₹25,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी और इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह योजना ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नए संस्करण के तहत शुरू की जा रही है। 2025-26 के बजट में इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना से प्रदेश की 10 लाख से ज्यादा बेटियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला बेटी बचाओ अभियान को नई गति देगा और लिंग अनुपात में सुधार लाएगा।
योजना का पूरा विवरण: जन्म से पढ़ाई तक ₹25,000 की मदद
योगी सरकार ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना को और मजबूत करने का फैसला लिया है। नई योजना के तहत:
- जन्म के समय: ₹5,000 की राशि बेटी के बैंक खाते में ट्रांसफर।
- कक्षा 1 में प्रवेश: ₹5,000।
- कक्षा 6 में प्रवेश: ₹5,000।
- कक्षा 9 में प्रवेश: ₹5,000।
- 12वीं पास करने पर: ₹5,000 की अंतिम किस्त।
- कुल ₹25,000 की राशि, जो बेटी के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा होगी।
सरकार ने कहा, “यह राशि बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह पर खर्च की जा सकेगी। पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।”
पात्रता और लाभ: 10 लाख+ बेटियों को फायदा
- योजना का लाभ हर बेटी को मिलेगा, चाहे वह किसी भी जाति-धर्म की हो।
- बेटी का जन्म 1 जनवरी 2025 के बाद होना चाहिए।
- माता-पिता की आय सीमा नहीं है, सभी बेटियों के लिए खुली योजना।
- 2025-26 में 10 लाख+ बेटियों को लाभ मिलेगा।
- 2030 तक 50 लाख बेटियों को ₹25,000 की मदद।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बेटी हमारी बेटी है, उसकी सुरक्षा और शिक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”
योजना का महत्व: लिंग अनुपात और शिक्षा में सुधार
यूपी में लिंग अनुपात 2024 में 930 लड़कियां प्रति 1000 लड़के है। यह योजना बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करेगी। साथ ही शिक्षा पर जोर देकर बेटियों को सशक्त बनाएगी। योजना से ड्रॉपआउट रेट कम होगा और बेटियां उच्च शिक्षा तक पहुंचेंगी।
आवेदन और कार्यान्वयन: ऑनलाइन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन
- योजना का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल betibachao.up.gov.in पर होगा।
- जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड से रजिस्ट्रेशन।
- राशि सीधे बेटी के बैंक खाते में ट्रांसफर।
- पहले चरण में 2025-26 में 10 लाख बेटियों को लाभ।
