उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब जमीन खरीदने या बेचने के लिए सरकारी रजिस्ट्री दफ्तरों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा शुरू की गई नई ऑनलाइन सेवा ‘घर बैठे रजिस्ट्रेशन’ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस सुविधा से समय, पैसे और परेशानी की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता और सुरक्षा भी बढ़ गई है। खासकर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले किसानों, छोटे व्यापारियों और महिलाओं के लिए यह सेवा क्रांतिकारी है। आइए जानते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया, लाभ, पात्रता और महत्वपूर्ण बातें।
सुविधा की शुरुआत और पात्रता
उत्तर प्रदेश स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन विभाग ने 25 जनवरी 2026 को इस डिजिटल रजिस्ट्रेशन पोर्टल को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। सेवा की शुरुआत लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख जिलों से हुई है। मार्च 2026 तक यह सुविधा पूरे उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हो जाएगी।
पात्रता के मुख्य नियम:
- संपत्ति का बाजार मूल्य 50 लाख रुपये तक होना चाहिए।
- बड़े मूल्य वाली संपत्तियों (50 लाख से अधिक) के लिए अभी पारंपरिक रजिस्ट्री प्रक्रिया ही लागू रहेगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसान, युवा उद्यमी और महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
- दोनों पक्ष (खरीदार और विक्रेता) के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और वैध संपत्ति दस्तावेज होने चाहिए।
घर बैठे रजिस्ट्री कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- पोर्टल पर जाएं – आधिकारिक वेबसाइट upigr.gov.in खोलें और ‘ई-रजिस्ट्रेशन’ या ‘घर बैठे रजिस्ट्रेशन’ विकल्प चुनें।
- दस्तावेज अपलोड करें – आधार कार्ड, पैन कार्ड, संपत्ति के पुराने दस्तावेज (खसरा-खतौनी, सेल डीड आदि) स्कैन करके अपलोड करें।
- मूल्यांकन और स्टांप ड्यूटी – सिस्टम स्वचालित रूप से संपत्ति का मूल्यांकन करेगा और स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क की गणना करेगा।
- भुगतान करें – UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या अन्य डिजिटल माध्यम से भुगतान पूरा करें।
- वीडियो वेरिफिकेशन – निर्धारित समय पर वीडियो कॉल होगी, जहां विभागीय अधिकारी या नोटरी दस्तावेजों की जांच करेंगे और दोनों पक्षों से सवाल-जवाब लेंगे।
- ई-साइन और डिजिटल रजिस्ट्री – हस्ताक्षर डिजिटल ई-साइन के जरिए होंगे। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के 24 घंटे के अंदर डिजिटल रजिस्ट्री सर्टिफिकेट ईमेल और पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा।
इस सेवा के प्रमुख लाभ
- समय की बचत: पहले 7-10 दिन लगते थे, अब 1-2 दिन में काम पूरा।
- खर्च में कमी: यात्रा, दलालों का कमीशन और अन्य खर्च बचेंगे।
- पारदर्शिता: ब्लॉकचेन तकनीक से हर ट्रांजेक्शन सुरक्षित और ट्रेसेबल।
- भ्रष्टाचार पर रोक: दलालों और बिचौलियों की भूमिका खत्म।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा: दूर-दराज के लोगों को अब 200-300 किमी दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उदाहरण के तौर पर, लखनऊ के एक किसान राम प्रसाद ने बताया कि पहले उन्हें 200 किमी दूर रजिस्ट्री दफ्तर जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्होंने घर बैठे ही 10 लाख रुपये की जमीन बेच दी।
भविष्य में क्या बदलाव आएंगे?
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक 75% से अधिक रजिस्ट्री डिजिटल हो जाएं। जल्द ही मोबाइल ऐप भी लॉन्च होने की संभावना है। यह सेवा न केवल आम नागरिकों के लिए आसान है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता लाकर निवेश को भी बढ़ावा देगी।