ईरान में उबाल: सरकार के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन तेज, खामनेई ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार
ईरान में जनवरी 2026 के शुरुआती दिनों से आर्थिक संकट, महंगाई और सरकारी नीतियों के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं। राजधानी तेहरान से लेकर मशहद, तबरीज़, इस्फहान, शिराज और कई अन्य बड़े शहरों तक सड़कें प्रदर्शनकारियों से पट गई हैं। लोग नारे लगा रहे हैं – “डेथ टू द डिक्टेटर”, “खामनेई को हटाओ” और “इस साल सैयद अली गिरेगा”। यह आंदोलन 2022 के महिला-नेतृत्व वाले विरोध के बाद सबसे बड़ा चुनौती बन चुका है।
आर्थिक संकट और जनता का गुस्सा
ईरानी रियाल का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई 50% से ऊपर है, बेरोजगारी बढ़ रही है, पानी-बिजली की कटौती आम हो गई है। पश्चिमी प्रतिबंधों, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय युद्धों में खर्च के कारण आम नागरिक त्रस्त हैं। प्रदर्शन शुरू में आर्थिक मांगों से जुड़े थे, लेकिन अब यह पूर्ण रूप से शासन-विरोधी हो चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों जगह सरकारी इमारतों, बैंक, पुलिस स्टेशनों और सैकड़ों निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कई इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गोलीबारी और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं।
इंटरनेट बंद, संचार ठप
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरानी सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसी सभी सोशल मीडिया सेवाएं बाधित हैं। नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के अनुसार कनेक्टिविटी सामान्य स्तर का महज 2-3% रह गया है। इससे लोगों का आपसी संवाद, समाचार प्राप्त करना और अंतरराष्ट्रीय दुनिया से जुड़ना लगभग असंभव हो गया है।
700 से ज्यादा उड़ानें रद्द, जनजीवन अस्त-व्यस्त
ईरानी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 700 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। दुबई, अबू धाबी, इस्तांबुल और दोहा से आने-जाने वाली अधिकांश उड़ानें स्थगित हैं।
कई विदेशी एयरलाइंस ने ईरान के हवाई क्षेत्र से उड़ानें रोक दी हैं।
राजधानी तेहरान में यातायात पूरी तरह ठप है। सड़कों पर जले हुए वाहनों के ढेर लग गए हैं।
पेट्रोल पंपों पर तोड़फोड़ और लूट की घटनाएं भी रिपोर्ट हुई हैं।
पड़ोसी देशों में सतर्कता
ईरान के पड़ोसी खाड़ी देशों में हाई अलर्ट है।
दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट्स ने ईरान के लिए सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
यूएई, सऊदी अरब और कुवैत ने अपने नागरिकों को ईरान यात्रा न करने की सख्त सलाह जारी की है।
व्यापारिक समूहों ने चेतावनी दी है
कि अगर स्थिति लंबी चली तो तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
खामनेई का बयान: “ट्रंप का एजेंडा फिर सक्रिय”
शुक्रवार को सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए
प्रदर्शनों को “विदेशी साजिश” करार दिया।
उन्होंने कहा कि यह सब डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों का एजेंडा है,
जो सोशल मीडिया के जरिए ईरान में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
