उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक सनसनीखेज घटना ने हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों में दहशत पैदा कर दी है, जहां कोतवाली नगर पुलिस ने रोहाना टोल प्लाजा के पास हाईवे पर फर्जी परिवहन अधिकारी बनकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के सख्त निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 8 अभियुक्तों—धीरेंद्र, शिवदीप त्यागी, गुलवीर राणा, मंगेशपाल, वरुण खोकर, विजय कुमार, गौरव कुमार और अनुज कुमार—को दबोच लिया।
काफी समय से स्थानीय वाहन चालकों और ट्रक ड्राइवरों की शिकायतें आ रही थीं
परिवहन विभाग के लोक सेवक बनकर रोड सेफ्टी, रिफ्लेक्टर लगाने और अन्य बहानों से वाहनों को रोकते हैं तथा फर्जी पीली, नीली, लाल और सफेद सांकेतिक पर्चियां थमाकर जबरन पैसे वसूलते हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि रोहाना कट के पास संदिग्ध लोग देर रात हाईवे पर सक्रिय हैं, जिसके बाद एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस टीम पहुंची, आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी लेने पर ठगी का पूरा सामान बरामद हुआ
—30 फर्जी पीली पर्चियां, 44 नीली पर्चियां, 26 लाल पर्चियां, 45 सफेद सांकेतिक पर्चियां, कुल 52,690 रुपये नकद राशि, रिफ्लेक्टर, बॉडी बेल्ट, सीटी और एक ‘भारत सरकार’ लिखी अर्टिगा कार। ये सामान आरोपी वाहन चालकों पर सरकारी रौब गांठने और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल करते थे।
गिरोह मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट
हाईवे पर विशेष रूप से ट्रक और अन्य भारी वाहनों को निशाना बनाता था, जहां रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वे चालान काटने का नाटक करते। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि ये अब तक कितने लोगों को ठग चुके हैं और क्या अन्य जिलों में भी इनकी शाखाएं सक्रिय हैं। सभी अभियुक्तों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
इस सफल अभियान से पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे पर कोई अनजान या संदिग्ध व्यक्ति पैसे मांगने पर तुरंत 112 या स्थानीय थाने में सूचना दें तथा बिना जांचे-पड़ताल के कोई भुगतान न करें। यह घटना न केवल मुजफ्फरनगर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के हाईवे पर व्याप्त फर्जी चेकिंग गिरोहों के खिलाफ सतर्कता का संदेश देती है। पुलिस की इस तत्परता से क्षेत्रवासियों में भरोसा बढ़ा है और अपराधियों में खौफ पैदा हो गया है।