पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान
परशुराम यादव की रिपोर्ट
गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मार्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना दिनदहाड़े हुई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। पहले उनके सिर में गोली मारी गई, इसके बाद सीने में चाकू से कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद राजकुमार चौहान करीब 100 मीटर तक जान बचाने के लिए भागे, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर दोबारा हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि हमलावर कुछ देर तक मौके पर ही बैठे रहे और उनकी मौत की पुष्टि होने के बाद फरार हो गए। यह भी जानकारी सामने आई है कि बदमाश अपनी गाड़ी कुछ दूरी पर खड़ी कर पैदल ही वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। यह सुनियोजित हमला प्रतीत होता है, जिसमें अपराधियों ने कोई जोखिम नहीं उठाया।
अस्पताल पहुंचने पर मौत
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। राजकुमार चौहान की उम्र करीब 38 वर्ष बताई जा रही है और वे इलाके में युवा नेता के रूप में जाने जाते थे। उनकी पूर्व पार्षद की हैसियत से इलाके में काफी पहचान थी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं।
अभी तक हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है,
लेकिन पुरानी रंजिश या राजनीतिक विवाद की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।
इलाके में दहशत और प्रभाव
यह घटना गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में अपराध की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करती है। दिनदहाड़े
ऐसी क्रूर हत्या से स्थानीय लोग दहशत में हैं।
कई लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। पूर्व पार्षद होने के कारण
राजनीतिक हलकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की यह हत्या न केवल एक व्यक्तिगत नुकसान है, बल्कि समाज में कानून व्यवस्था पर
सवाल भी खड़े करती है। पुलिस को जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़कर सजा दिलानी होगी
ताकि इलाके में शांति बहाल हो सके। परिवार और समर्थकों को गहरा सदमा पहुंचा है।
ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं कि अपराध पर कड़ी नजर रखी जाए।
