यह अख़बार की कतरन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा और उनसे जुड़ी अहम मुलाक़ातों पर आधारित है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं–
पुतिन से मुलाकात से पहले मोदी-ज़ेलेंस्की वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से बातचीत की।
- इस वार्ता का केंद्र शांति और स्थिरता रहा।
- पीएम मोदी ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध और उसके वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की।
- उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति स्थापित करने और स्थिरता कायम करने के हर प्रयास का समर्थन करता है।
ज़ेलेंस्की ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से “रचनात्मक और सार्थक” चर्चा की।
- उन्होंने कहा कि शांति के बारे में बात करना बेहद ज़रूरी है।
- ज़ेलेंस्की ने भारत को विश्व राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाला देश बताया और भरोसा जताया कि भारत शांति स्थापना में सकारात्मक योगदान देगा।
सात साल बाद चीन में मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं। इस बार उनकी यात्रा कई दृष्टियों से ऐतिहासिक मानी जा रही है।
- एयरपोर्ट पर मोदी का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय सांस्कृतिक दल ने पारंपरिक स्वागत गीत और नृत्य प्रस्तुत किया।
- चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ उनकी कई अहम मुलाकातें तय हैं।
मोदी-जिनपिंग की बैठक पर दुनिया की निगाहें
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मोदी की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
- भारत-चीन संबंधों में पिछले कुछ वर्षों से तनाव रहा है, खासकर सीमा विवाद और आर्थिक प्रतिस्पर्धा के कारण।
- इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय शुरू करने वाली संभावना के रूप में देखा जा रहा है।
- वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और चीन के साथ संतुलन साधना इस वार्ता का प्रमुख बिंदु होगा।
भारत-जापान मिलकर करेगा सेमीकंडक्टर क्रांति
समाचार में यह भी उल्लेख है कि भारत और जापान मिलकर सेमीकंडक्टर तकनीक में क्रांति लाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
- प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के बीच हुई वार्ता में सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी साझेदारी पर सहमति बनी।
- इसका मकसद भारत को वैश्विक चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना और दोनों देशों की तकनीकी क्षमता को जोड़ना है।
- इस साझेदारी से भारत में लाखों रोज़गार के अवसर पैदा हो सकते हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई दिशा मिलेगी।
मुख्य निष्कर्ष
- मोदी-ज़ेलेंस्की वार्ता ने यह संदेश दिया कि भारत युद्धविराम और शांति प्रयासों का समर्थन करता है।
- चीन यात्रा के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात भविष्य में भारत-चीन संबंधों के लिए अहम होगी।
- भारत और जापान की साझेदारी से सेमीकंडक्टर तकनीक में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
- मोदी की विदेश यात्रा इस बार केवल कूटनीतिक ही नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक है।