हाल ही में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर हुए हमले की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद देशभर में लोगों ने न केवल न्यायपालिका की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम भी उठाए। इन्हीं प्रयासों के तहत अब एक नई पहल “मिशन मुस्कान” शुरू हुई है, जिसके तहत जरूरतमंद और गरीब बच्चों को मुफ्त में जूते और चप्पलें दी जाएंगी।
यह अभियान देश की राजधानी से शुरू होकर छोटे कस्बों और गांवों तक पहुंचेगा। कई सामाजिक संस्थाएं, शिक्षण संस्थान, और स्वयंसेवी संगठनों ने इस पहल को समर्थन देने का निर्णय लिया है। उद्देश्य केवल बच्चों को जूते देना नहीं, बल्कि उनके चेहरों पर मुस्कान लाना और समाज में एकता का संदेश देना है।
अभियान के आयोजकों का कहना है कि गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे अक्सर नंगे पांव स्कूल जाते हैं। बरसात हो या गर्मी, उनके लिए शिक्षा तक पहुंचना कठिन हो जाता है। ऐसे में यदि उन्हें जूते और आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराई जाएं, तो न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा के प्रति उनका लगाव भी मजबूत होगा।
मुख्य न्यायाधीश पर हुए हमले के बाद कई वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर यह तय किया कि समाज में नफरत नहीं, बल्कि सहयोग और संवेदना का संदेश फैलाया जाएगा। इसी विचार से प्रेरित होकर “मिशन मुस्कान” ने जन्म लिया।