ताल नदोर मिनी फॉरेस्ट – गोरखपुर की नई हरियाली की पहचान
गोरखपुर नगर निगम ने शहर को और हरा-भरा बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। ताल नदोर क्षेत्र में 2.13 करोड़ रुपये की लागत से मिनी फॉरेस्ट विकसित की जाएगी, जो जल्द ही गोरखपुरवासियों के लिए एक शानदार पिकनिक स्पॉट बन जाएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि शहर के निवासियों को प्रकृति के करीब लाने का माध्यम भी बनेगा। नगर निगम ने इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे कुछ ही महीनों में कार्य शुरू होने की उम्मीद है। ताल नदोर मिनी फॉरेस्ट गोरखपुर की हरियाली को नई ऊंचाई देने वाली यह योजना शहर की छवि को ग्रीन सिटी के रूप में मजबूत करेगी।
मिनी फॉरेस्ट का विशेष महत्व
ताल नदोर पहले से ही एक महत्वपूर्ण जल स्रोत के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यह क्षेत्र हजारों पेड़-पौधों से घिरा हरा-भरा जंगल जैसा बन जाएगा। मिनी फॉरेस्ट में विभिन्न प्रजातियों के देशी पेड़ जैसे नीम, पीपल, बरगद, आम, जामुन, शीशम और अन्य लगाए जाएंगे। ये पेड़ प्रदूषण कम करने, कार्बन डाइऑक्साइड सोखने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और जैव विविधता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इसके अलावा, यहां वॉकिंग ट्रैक, आराम करने के लिए बेंच, बच्चों के खेल क्षेत्र, शेड और बैठने की जगहें बनाई जाएंगी। परिवार यहां पिकनिक मना सकेंगे, सुबह की सैर कर सकेंगे और योगा सेशन आयोजित कर सकेंगे। यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो गोरखपुर जैसे तेजी से बढ़ते औद्योगिक शहर में हरे क्षेत्रों की कमी को पूरा करेगी।
2.13 करोड़ की योजना के प्रमुख बिंदु
नगर निगम ने 2.13 करोड़ रुपये के बजट में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस राशि से निम्नलिखित कार्य होंगे:
- भूमि समतलीकरण और सफाई
- हजारों देशी पौधों का रोपण
- ड्रिप इरिगेशन और सिंचाई व्यवस्था
- पाथवे, बेंच, लाइटिंग और बच्चों के प्ले एरिया
- बाउंड्री वॉल और साइनेज
टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो चुकी है। योग्य ठेकेदार और कंपनियां इसमें भाग ले सकती हैं। प्रोजेक्ट पूरा होने पर ताल नदोर गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन स्थलों में शामिल हो जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, क्योंकि रखरखाव, गार्डनिंग और पर्यटन से जुड़े काम स्थानीय युवाओं को मिलेंगे। यह योजना गोरखपुर को पर्यावरण अनुकूल और निवास योग्य शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
शहरवासियों को मिलने वाले लाभ
गोरखपुर में तेज शहरीकरण के कारण हरे-भरे क्षेत्रों की कमी महसूस हो रही थी। ताल नदोर मिनी फॉरेस्ट इस कमी को दूर करेगी। यहां लोग प्रदूषित हवा से राहत पा सकेंगे, क्योंकि पेड़ ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाएंगे और धूल-प्रदूषण को कम करेंगे। स्कूली बच्चों के लिए पर्यावरण शिक्षा केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां वे प्रकृति के बारे में सीख सकेंगे।
परिवारों के लिए यह एक आदर्श पिकनिक स्पॉट बनेगा, जहां सुबह-शाम सैर, पारिवारिक भोज और
बच्चों के खेल की सुविधा मिलेगी। नगर निगम आयुक्त ने कहा कि
यह प्रोजेक्ट जनता की मांग पर आधारित है और शहर को जीवंत व स्वस्थ बनाने में मदद करेगा।
ताल नदोर मिनी फॉरेस्ट से गोरखपुर की छवि एक हरा-भरा और पर्यावरण प्रेमी शहर के रूप में मजबूत होगी।
गोरखपुर की हरियाली का नया अध्याय
ताल नदोर में 2.13 करोड़ की इस मिनी फॉरेस्ट योजना से गोरखपुरवासियों को एक शानदार पिकनिक स्पॉट मिलेगा,
साथ ही शहर की पर्यावरणीय सेहत भी सुधरेगी।
जल्द शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट से शहर में हरियाली बढ़ेगी, प्रदूषण कम होगा और लोगों को
प्रकृति का आनंद लेने का मौका मिलेगा। गोरखपुर अब ग्रीन सिटी बनने की राह पर है –
ताल नदोर मिनी फॉरेस्ट इसका सबसे बड़ा प्रमाण होगा।