मेरठ STF मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी जुबैर,
Meerut में बुधवार सुबह Uttar Pradesh Special Task Force के साथ हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश जुबैर मारा गया। जुबैर Aligarh का रहने वाला था और कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक जुबैर पर हत्या, लूट और डकैती समेत 43 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और कई गंभीर वारदातों में वांछित था।
एएमयू शिक्षक हत्या का था आरोपी,
जुबैर पर 24 दिसंबर 2025 को Aligarh Muslim University में शिक्षक राव दानिश हिलाल की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार वह मुनीर गैंग के लिए शार्प शूटर की भूमिका निभाता था और कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका था।
पुलिस का कहना है कि जुबैर लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय था और सोशल मीडिया के जरिए भी गैंग का नेटवर्क मजबूत किया जा रहा था।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची बहन की चेतावनी,
एनकाउंटर के बाद जुबैर की बहन मुबश्शिरा अन्य परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। भाई की मौत से आहत होने के बावजूद उसने चेतावनी भरे अंदाज में बयान दिया।
उसने कहा, “एक शेर चला गया, दो जिंदा हैं… देखना अब और कितने जनाजे उठेंगे।” यह बयान सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
हालांकि अधिकारियों ने इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
‘द किलिंग मशीन ए गैंग’ से जुड़ा था जुबैर,
एसटीएफ के एएसपी Brijesh Kumar Singh के मुताबिक जुबैर पहले मुनीर गैंग का शार्प शूटर था।
जांच में सामने आया कि बिजनौर जिले के स्योहारा क्षेत्र के सहसपुर से
12वीं में फेल होने के बाद वर्ष 2009 में मुनीर एएमयू में दाखिले के लिए पहुंचा था।
लेकिन पढ़ाई के बजाय उसने अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया।
बताया जा रहा है कि यासिर और फहद की मदद से हथियार
खरीदकर सोशल मीडिया पर “द किलिंग मशीन ए गैंग”
नाम से गिरोह संचालित किया गया और कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया गया।
पुलिस अलर्ट मोड पर,
जुबैर की मौत के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
अधिकारियों का कहना है कि गैंग से जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश जारी है।
मेरठ और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है
ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
अपराध जगत में सक्रिय था गैंग,
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुनीर गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सक्रिय था।
गैंग पर हत्या, रंगदारी, लूट और अवैध हथियारों की सप्लाई जैसे गंभीर आरोप हैं।
एसटीएफ का कहना है कि गैंग के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।