मेरठ के सेंट्रल मार्केट में
मेरठ सेंट्रल मार्केट में सीलिंग से मचा हड़कंप, महिला की गुहार भी नहीं रोक पाई कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बड़ी कार्रवाई
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को आवास एवं विकास परिषद ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद की गई। प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और एक-एक कर दुकानों को सील करना शुरू कर दिया।
बाजार में छाया मातम जैसा माहौल
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान सेंट्रल मार्केट का माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया। करीब 40 साल पुराने व्यापार और मेहनत को चंद मिनटों में खत्म होते देख व्यापारियों के आंसू निकल आए। कई दुकानदार अफसरों के सामने हाथ जोड़कर अपनी दुकान बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी की नहीं सुनी गई।
महिला की दर्दभरी अपील ने किया भावुक
सबसे ज्यादा मार्मिक दृश्य साहिल प्लाजा में देखने को मिला, जहां शर्मा कलेक्शन की मालकिन साधना शर्मा अपनी दुकान को बचाने के लिए अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाती रहीं। दुकान सील होते देख वह फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “आप मेरे बेटे जैसे हो… यह मेरे जीवन भर की कमाई है। इसे उजड़ते कैसे देखूं? मैं मर जाऊंगी, लेकिन दुकान पर सील नहीं लगने दूंगी।”
उनकी इस भावुक अपील ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
कानून के आगे बेबस दिखे लोग
अधिकारियों ने साफ कहा कि वे कोर्ट के आदेश और कानून से बंधे हुए हैं, इसलिए
इस कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता। पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया गया।
व्यापारियों में भारी आक्रोश
इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिला। उनका कहना है कि
उन्होंने वर्षों की मेहनत और पूंजी लगाकर यह व्यापार खड़ा किया था,
जिसे अचानक खत्म कर दिया गया। कई व्यापारियों ने प्रशासन से राहत की मांग भी की है।
मेरठ सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कई परिवारों के
सपनों के टूटने की कहानी बन गई है। जहां एक तरफ प्रशासन कानून का पालन कर रहा है,
वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों का दर्द भी साफ दिखाई दे रहा है।
