आगरा में रबर शीट फैक्ट्री में भीषण आग
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में 10 दिसंबर 2025 की दोपहर एक रबर शीट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिससे पूरा परिसर जलकर खाक हो गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री में लाइव पावर लाइन से चिंगारी निकलने के बाद आग भड़की और एक के बाद एक कई धमाके हुए। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें ज्यादातर मजदूर थे। फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में 4 घंटे लगे। यह घटना फैक्ट्री सेफ्टी और बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। इस ब्लॉग में हम इस भीषण हादसे की पूरी डिटेल्स, कारण, घायलों की स्थिति, पुलिस-फायर ब्रिगेड की कार्रवाई और फैक्ट्री सेफ्टी टिप्स बताएंगे। यदि आप आगरा या आसपास रहते हैं या फैक्ट्री में काम करते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
हादसे का पूरा विवरण: लाइव पावर लाइन से शुरू हुआ तांडव
हादसा आगरा के खंदौली इलाके में स्थित रबर शीट फैक्ट्री में दोपहर करीब 2 बजे हुआ। फैक्ट्री में बिजली की लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे चिंगारी निकली और आसपास रखी रबर शीट्स में आग लग गई। आग तेजी से फैली और फैक्ट्री में रखे केमिकल और रबर के रोल्स में भीषण धमाके होने लगे।
- धमाके इतने जोरदार थे कि 500 मीटर दूर तक सुनाई दिए।
- फैक्ट्री का पूरा ढांचा जलकर खाक हो गया।
- 20+ मजदूर घायल हुए, जिनमें 8 की हालत गंभीर है।
- घायलों को SN मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां और 50+ जवान 4 घंटे तक आग बुझाने में जुटे रहे।
मुख्य कारण: लाइव पावर लाइन और सेफ्टी मानकों का उल्लंघन
प्रारंभिक जांच में सामने आया:
- फैक्ट्री में पुरानी और लाइव पावर लाइन थी, जो बिना इंसुलेशन के चल रही थी।
- बिजली विभाग ने नियमित जांच नहीं की।
- फैक्ट्री में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे – कोई फायर एग्जिट, स्प्रिंकलर या फायर एक्सटिंग्विशर नहीं।
- रबर शीट्स और केमिकल बिना सुरक्षा के रखे गए थे।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने कहा, “लाइव लाइन से चिंगारी निकली, जिससे आग भड़की। सेफ्टी मानकों का पूरा उल्लंघन था।”
घायलों की स्थिति: 8 की हालत गंभीर, परिवार परेशान
घायलों में ज्यादातर मजदूर थे। 8 लोगों को ICU में रखा गया है। एक मजदूर के परिजन ने रोते हुए कहा, “हमारा बेटा रोज मजदूरी करता था, आज अस्पताल में है।” अस्पताल में डॉक्टरों ने कहा, “जलने की चोटें हैं, इलाज चल रहा है।”
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: FIR दर्ज, जांच शुरू
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत) और 337 (चोट पहुंचाना) में FIR दर्ज की। बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड की टीम ने भी जांच शुरू की। DM ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। फैक्ट्री मालिक फरार है।
फैक्ट्री सेफ्टी टिप्स: ऐसे बचें हादसों से
- नियमित बिजली लाइन जांच करवाएं।
- फायर एग्जिट और स्प्रिंकलर अनिवार्य रखें।
- केमिकल और ज्वलनशील सामग्री सुरक्षित रखें।
- फायर ड्रिल हर 6 महीने में करें।
- मजदूरों को सेफ्टी ट्रेनिंग दें।