ममता बनर्जी के निलंबित MLA
पश्चिम बंगाल। बाबरी मस्जिद विध्वंस की 32वीं बरसी पर राज्य की सियासत गरम हो गई। TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रख दी, तो उधर BJP नेताओं ने अयोध्या में राम मंदिर की शिला पूजा कर तीखा जवाब दिया। यह घटना न केवल सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रही है, बल्कि TMC और BJP के बीच जंग को और भड़का रही है। 6 दिसंबर 2025 को न्यूज18 और आजतक की रिपोर्ट्स के अनुसार, हुमायूं कबीर की इस हरकत पर ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया, लेकिन BJP ने इसे ‘आग से खेलने’ का आरोप लगाया। इस ब्लॉग में हम इस विवाद की पूरी डिटेल्स, राजनीतिक पृष्ठभूमि, दोनों पक्षों के बयान और संभावित प्रभाव बताएंगे। यदि आप बंगाल की सियासत से जुड़े हैं, तो यह पढ़ना जरूरी है।
हुमायूं कबीर का विवादास्पद कदम: बाबरी मस्जिद की नींव कैसे रखी गई?
TMC के भरतपुर विधायक हुमायूं कबीर लंबे समय से पार्टी से बागी रुख अपनाए हुए थे। 4 दिसंबर को उन्होंने मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से एक नई मस्जिद बनाने का ऐलान किया, जिसका शिलान्यास बाबरी विध्वंस की बरसी पर यानी 6 दिसंबर को रखने की बात कही। ममता बनर्जी ने तुरंत उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया, लेकिन हुमायूं ने ऐलान पर अमल किया। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बेलडांगा में सैकड़ों समर्थक इकट्ठा हुए, ईंटें लेकर पहुंचे और नींव रखी गई। हुमायूं ने कहा, “हम राम मंदिर के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बाबरी विध्वंस का बदला लेना जरूरी है।” कोलकाता हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया, लेकिन राज्यपाल आनंद बोस ने ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी।
यह घटना मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में तनाव पैदा कर रही है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात हैं। हुमायूं पर पहले भी 2015 में 6 साल का निलंबन लगा था। अब वे 22 दिसंबर को नई पार्टी लॉन्च करने की बात कर रहे हैं। TMC का आरोप है कि हुमायूं BJP की साजिश का हिस्सा हैं।
BJP का जवाब: राम मंदिर शिला पूजा से साधा निशाना
उधर, BJP ने हुमायूं के कदम को ‘प्रोवोकेशन’ बताते हुए तीखा जवाब दिया। अमित मालवीय ने X पर लिखा, “ममता बनर्जी आग से खेल रही हैं, मुस्लिम वोट बैंक के लिए सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कर रही हैं।” आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, BJP नेताओं ने अयोध्या में राम मंदिर परिसर में विशेष शिला पूजा की, जिसमें शिलाओं को पवित्र जल से स्नान कराया गया। BJP MLA रामेश्वर शर्मा ने कहा, “बाबरी की ईंट रखने वालों की ईंट से ईंट बज जाएगी।” नवनीत राणा ने ममता को चेतावनी दी, “राम नाम जपें वरना…”।
यह पूजा राम मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से हुई, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। BJP का कहना है कि TMC का यह कदम 2026 विधानसभा चुनाव से पहले हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का प्रयास है। दैनिक सावराताइम्स के अनुसार, BJP ने मुर्शिदाबाद में विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: क्यों गरमाया बंगाल का माहौल?
यह विवाद बाबरी विध्वंस (6 दिसंबर 1992) की याद दिलाता है, जब अयोध्या में कारसेवकों ने मस्जिद ढहाई थी। सुप्रीम कोर्ट के 2019 फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण हो रहा है, लेकिन बाबरी के नाम पर सियासत आज भी जारी है। ममता बनर्जी ने राम मंदिर उद्घाटन का बहिष्कार किया था, जबकि TMC मुस्लिम वोट बैंक पर निर्भर है। हुमायूं का बयान पार्टी लाइन से हटकर था,
जिससे ममता की मुश्किलें बढ़ गईं।
आआजतक के विश्लेषण में कहा गया कि यह हुमायूं की नई पार्टी की रणनीति हो सकती है।
BJP इसे TMC की ‘डबल गेम’ बता रही है। 2024 लोकसभा चुनाव में TMC ने 29 सीटें जीतीं
, लेकिन सांप्रदायिक मुद्दे BJP को फायदा पहुंचा सकते हैं।
दोनों पक्षों के बयान: TMC vs BJP की जुबानी जंग
- TMC पक्ष: फरहाद हकीम ने कहा, “हुमायूं का बयान पार्टी विरोधी है, ममता जी सांप्रदायिक सद्भाव चाहती हैं।
- ” ममता ने चुप्पी साधी, लेकिन निलंबन से साफ है कि वे नाराज हैं।
- BJP पक्ष: सुकांता मजूमदार ने कहा, “ममता ‘होरि मच्छ न छुई पानी’ कर रही हैं
- , खुद को निर्दोष दिखा रही हैं
- ।” अमित मालवीय ने आरोप लगाया
- कि TMC मुस्लिम भावनाओं का शोषण कर रही है।
रिपब्लिक भारत के अनुसार, मुर्शिदाबाद में तनाव बढ़ने से कर्फ्यू जैसी स्थिति बन रही है।
संभावित प्रभाव: चुनावी सियासत पर असर
यह घटना बंगाल में ध्रुवीकरण बढ़ाएगी। मुस्लिम इलाकों में TMC मजबूत है, लेकिन हिंदू वोट BJP को मिल सकते हैं।
2026 चुनाव से पहले यह मुद्दा गरमाता रहेगा।