गगहा थाना क्षेत्र के पांडेपार गांव में शनिवार रात एक बारात के दौरान हुई फायरिंग ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। बारात में डीजे संगीत की धुन पर थिरक रहे लोगो के बीच अचानक चली गोली ने 18 वर्षीय युवक छोटू उर्फ डीजे ऑपरेटर की जिंदगी छीन ली। छोटू, जो बारात में संगीत की धुन बजाने आया था, गोली लगते ही जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह घटना गोरखपुर जिले के गगहा क्षेत्र में हुई, जहां खुशी का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया।
घटना का पूरा विवरण
बारात पांडेपार गांव में एक विवाह समारोह के लिए आयोजित की गई थी। रात करीब 10 बजे के आसपास डीजे की तेज धुन पर लोग नाच-गाने में मशगूल थे। तभी अज्ञात कारणों से फायरिंग शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगो ने हर्ष फायरिंग के नाम पर बंदूक चलाई, लेकिन एक गोली सीधे छोटू के सीने में लग गई। वह तुरंत खून से लथपथ हो गया और इलाज के लिए ले जाते समय ही दम तोड़ दिया। गांव वालो ने बताया कि छोटू स्थानीय स्तर पर डीजे का काम करता था और बारातो में अक्सर बुलाया जाता था। उसकी मौत से परिवार पर दुश्कर समय आ गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
गगहा थाना पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि फायरिंग करने वालो की तलाश में छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हर्ष फायरिंग का मामला बन रहा है, लेकिन लापरवाही से मौत होने के कारण एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गवाहो के बयान दर्ज कर लिए। एसपी गोरखपुर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषियो को जल्द गिरफ्तार किया जाए। इलाके में पटाखे और फायरिंग पर पहले से ही पाबंदी थी, फिर भी इस तरह की लापरवाही ने एक युवा की जान ले ली।
इलाके में सनसनी और प्रभाव
इस घटना ने पांडेपार सहित आसपास के गांवो में सनसनी फैला दी। बारात का माहौल ठंडा पड़ गया और रोने की आवाजे गूंजने लगी। छोटू के परिवार में कोहराम मच गया है। उसके पिता मजदूरी करते हैं और छोटू घर की आर्थिक कमजोरी दूर करने में मदद करता था। स्थानीय लोगो का कहना है कि बारातो में फायरिंग की यह प्रवृत्ति जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन ने अब सर्कुलर जारी कर हर्ष फायरिंग पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। गोरखपुर जिले में पिछले कुछ महीनों में इसी तरह के 4-5 हादसे हो चुके हैं, जो जागरूकता की कमी को दर्शाते हैं।
सामाजिक संदेश और सबक
यह हादसा समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। बारातो में खुशी मनाने के चक्कर में बंदूको का इस्तेमाल जानलेवा बन रहा है। विशेषज्ञो का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को मिलकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रो में हथियारों की उपलब्धता और लाइसेंस की जांच जरूरी है। छोटू की मौत न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए警钟 है। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। गगहा पुलिस ने आश्वासन दिया है कि न्याय मिलेगा और दोषी सलाखो के पीछे होंगे।