गाजियाबाद में बृहस्पतिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर राज चौपला स्थित ईएसआईसी अस्पताल के सामने तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और रैपिड ट्रेन के पिलर से टकराने के बाद कई बार पलट गई।
हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया है।
मेरठ लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार मेरठ के थाना परतापुर क्षेत्र के गांव कुंडा निवासी आदेश कसाना अपने दोस्तों कुलदीप, रोहित, आदेश पाल और हिमांशु पाल के साथ बुधवार रात लोनी गए थे।
बृहस्पतिवार तड़के सभी लोग अपने लोनी निवासी दोस्त अंकित तिवारी के साथ कार से मेरठ लौट रहे थे। सुबह करीब पांच बजे जब उनकी कार राज चौपला के पास ईएसआईसी अस्पताल के सामने पहुंची, तभी अचानक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई।
कार डिवाइडर पर चढ़ गई और रैपिड ट्रेन के पिलर से टकराने के बाद कई पलटियां खा गई।
हादसे में दो युवकों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में कार चालक आदेश कसाना (32) और अंकित तिवारी (25) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कुलदीप, आदेश पाल और हिमांशु गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को कार से बाहर निकालकर निजी अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रोहित नामक युवक हादसे के बाद सुरक्षित कार से बाहर निकल गया और वहां से चला गया।
कार में लगी आग, मची अफरातफरी
हादसे के बाद कार के अगले हिस्से में आग लग गई।
राहगीरों ने किसी तरह आग बुझाई और पुलिस को सूचना दी।
दुर्घटना के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण हादसा इतना गंभीर हो गया।
बाल-बाल बची महिला सफाईकर्मी
हादसे के दौरान ईएसआईसी अस्पताल के पास मौजूद एक महिला सफाईकर्मी और
डिवाइडर पर सो रहा एक मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति बाल-बाल बच गए।
यदि कार थोड़ी और आगे बढ़ जाती तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
पुलिस ने शुरू की जांच
भास्कर वर्मा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।
परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के
समय कार की गति कितनी थी और दुर्घटना की असली वजह क्या रही।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है।
खासकर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग के कारण अक्सर गंभीर दुर्घटनाएं सामने आती हैं।
पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों को सामने लाता है।
दो युवकों की मौत और तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से इलाके में शोक का माहौल है।
प्रशासन ने लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों का
पालन करने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।