महोबा में नमामि गंगा योजना विवाद
महोबा में नमामि गंगा योजना पर बवाल: मंत्री का काफिला रोका
महोबा: नमामि गंगा योजना के कार्यों में देरी और गुणवत्ता को लेकर महोबा जिले में तनाव बढ़ गया है। जलशक्ति राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के दौरे के दौरान चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने उनके काफिले को रोककर सवाल-जवाब किया। इस घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा बटोरी। मंत्री ने विधायक और स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि सभी लंबित कार्य अगले 20 दिनों में पूरे करा लिए जाएंगे। मामले को लेकर अमर उजाला ने चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत से खास बातचीत की।
विधायक का साफ बयान: जनता के लिए रोकूंगा भी, घेरूंगा भी
बृजभूषण राजपूत ने कहा, “मैं जनता के लिए रोकूंगा भी, घेरूंगा भी, नेतागीरी नहीं करूंगा। नमामि गंगा योजना के तहत महोबा में कई जगहों पर काम धीमी गति से चल रहा है। लोगों को गंदे नाले, बदबू और प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। जब मंत्री महोबा आए तो मैंने सोचा कि यह मौका है जनता की आवाज सीधे उन तक पहुंचाने का। इसलिए मैंने काफिला रोका और सवाल पूछे।”
विधायक ने आगे कहा कि उन्होंने मंत्री से स्पष्ट समयसीमा मांगी। मंत्री ने वादा किया कि 20 दिनों के अंदर सभी लंबित कार्य पूरे हो जाएंगे और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। राजपूत ने बताया कि उन्होंने स्थानीय लोगों की शिकायतें – जैसे एसटीपी प्लांट की खराब स्थिति, नालों की सफाई न होना और फंड के दुरुपयोग की आशंका – मंत्री के सामने रखीं।
मंत्री का आश्वासन: 20 दिनों में पूरा होगा काम
जलशक्ति राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक और ग्रामीणों से बातचीत के दौरान कहा कि नमामि गंगा योजना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। महोबा में जहां भी कमी है, उसे तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति की रोजाना रिपोर्ट भेजी जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि यदि 20 दिनों में काम नहीं हुआ तो वे खुद दोबारा महोबा आएंगे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।
स्थानीय लोगों की मांग और राजनीतिक प्रभाव
महोबा के ग्रामीणों का कहना है कि नमामि गंगा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन नतीजे नजर नहीं आ रहे। नदियों में प्रदूषण कम नहीं हुआ, नालों की सफाई नहीं हुई और एसटीपी प्लांट कई जगह बंद पड़े हैं।
विधायक बृजभूषण राजपूत के इस कदम को स्थानीय लोग सराह रहे हैं। उनका कहना है कि
यह पहली बार हुआ जब किसी विधायक ने मंत्री के सामने जनता की बात इतनी बेबाकी से रखी।
यह घटना उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ रही है।
विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है,
जबकि सत्ताधारी दल का कहना है कि कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं।
क्या होगा आगे?
विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि वे अगले 20 दिनों में हर ब्लॉक में जाकर कार्यों की प्रगति खुद देखेंगे।
यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो वे फिर से घेराव और प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे भी निगरानी रखें और किसी भी अनियमितता की सूचना दें।
यह घटना दिखाती है कि विकास योजनाओं में स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
महोबा के लोग अब 20 दिनों के बाद नतीजों का इंतजार कर रहे हैं