16 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र
16 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित हुए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भाजपा नीत महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। कुल 227 वार्डों में महायुति ने 118 सीटें हासिल कीं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से काफी ऊपर है। यह थैकरे परिवार के 30 साल पुराने दबदबे का अंत है।
बीएमसी परिणाम: पार्टी-वार सीटें
- भाजपा: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
- शिंदे गुट शिवसेना: 29 सीटें
- महायुति कुल: 118 सीटें (स्पष्ट बहुमत)
- शिवसेना (यूबीटी): 65 सीटें
- मनसे (एमएनएस): 6 सीटें
- यूबीटी + मनसे + अन्य: कुल 72 सीटें
- कांग्रेस: 24 सीटें
- एआईएमआईएम: 8 सीटें
- एनसीपी: 3 सीटें
- समाजवादी पार्टी: 2 सीटें
- एनसीपी (एसपी): 1 सीट
महायुति ने मुंबई के कई पारंपरिक थैकरे गढ़ों में भी अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि दादर-माहिम, वर्ली, लालबाग जैसे इलाकों में यूबीटी-मनसे मजबूत रहे।
पूरे महाराष्ट्र में महायुति का दबदबा
महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिकाओं में महायुति ने 25 से ज्यादा पर कब्जा जमाया। भाजपा अकेले 1,372 से 1,425 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। अन्य प्रमुख निगमों में:
- पुणे और पिंपरी-चिंचवड़: भाजपा ने पवार परिवार के गढ़ में भी बढ़त बनाई।
- नागपुर: भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा।
- नवी मुंबई, ठाणे, जलगांव: महायुति की स्पष्ट जीत। कुछ जगहों जैसे कोल्हापुर, लातूर में कांग्रेस को बढ़त मिली, लेकिन कुल मिलाकर महायुति का प्रचंड बहुमत।
2017 से तुलना: बड़ा बदलाव
2017 में अविभाजित शिवसेना बीएमसी में सबसे बड़ी थी, लेकिन 2022 के विभाजन के बाद यह पहला बड़ा टेस्ट था। इस बार:
- थैकरे परिवार (उद्धव + राज) की एकजुट कोशिश विफल रही।
- भाजपा ने शहरी इलाकों में अपना विस्तार बढ़ाया।
- एआईएमआईएम ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया।
- कांग्रेस और एनसीपी को बड़ा नुकसान।
नतीजों के मायने: विकास और हिंदुत्व की जीत
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जनता ने विकास और ईमानदारी चुनी। पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र का आभार जताया। महायुति सरकार की लोकप्रियता और विकास एजेंडे की जीत साफ दिखी। विपक्ष के लिए यह चेतावनी है – एमवीए कमजोर पड़ी। आने वाले चुनावों में महायुति का दबदबा और मजबूत हो सकता है।
बीएमसी में पहली बार भाजपा का मेयर चुना जाएगा। यह मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव है।