हादसे का पूरा विवरण: चिलुआ ताल में फैली सनसनी
महाराजगंज जिले के चिलुआ ताल थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक भयानक सड़क दुर्घटना में एक बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा पूर्व विधायक की लग्जरी SUV से टक्कर मारने के कारण हुआ। मृतक शादी समारोह से लौट रहा था और तेज रफ्तार गाड़ी ने उसकी बाइक को जोरदार धक्का मार दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद गाड़ी चालक मौके से फरार हो गया, जिससे इलाके में गुस्सा भड़क गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना महाराजगंज जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को और तेज कर रही है।
चश्मदीदों के अनुसार: हादसा कैसे हुआ?
चश्मदीदों के अनुसार, हादसा चिलुआ ताल-निकट ग्रामीण मार्ग पर रात करीब 10 बजे हुआ। मृतक की पहचान रामप्रताप (उम्र 32 वर्ष) निवासी ग्राम पिपरिया के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ निकटवर्ती गांव में शादी समारोह में शामिल होने गया था और लौटते समय अज्ञात लग्जरी गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर उछल पड़ा और मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक चालक गायब हो चुका था।
पूर्व विधायक का कनेक्शन: लग्जरी SUV की पहचान
पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी में खुलासा हुआ है कि हादसे में शामिल गाड़ी महाराजगंज जिले के पूर्व विधायक की बताई जा रही है। गाड़ी टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी लग्जरी SUV थी, जिसका नंबर UP 60 से शुरू होता है। पूर्व विधायक का नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है। विपक्षी नेता इसे VIP कल्चर का उदाहरण बता रहे हैं। पूर्व विधायक के समर्थक इसे अफवाह करार दे रहे हैं और जांच का इंतजार कर रहे हैं। चिलुआ ताल थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि CCTV फुटेज और गाड़ी के नंबर से चालान ट्रेस किया जा रहा है।
यह पहला मौका नहीं है जब महाराजगंज में VIP वाहनों से जुड़े हादसे सामने आए हैं। पिछले साल भी एक मंत्री के काफिले से पैदल यात्री की मौत हुई थी, जिसकी जांच आज तक लंबित है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या
अमीरों की गाड़ियां गरीबों की जान लेने का लाइसेंस रखती हैं?
परिवार का शोक और ग्रामीणों का आक्रोश
मृतक रामप्रताप तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और परिवार का इकलौता कमाने वाला।
उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे सदमे में हैं। सुबह शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
परिवार वालों ने चिलुआ ताल थाने पर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की धमकी दी, लेकिन पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया। SP महाराजगंज ने कहा, “
हादसे की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी और दोषी को सख्त सजा दी जाएगी।”
सड़क सुरक्षा पर सवाल: महाराजगंज के ब्लैक स्पॉट
चिलुआ ताल क्षेत्र सड़क हादसों का हॉटस्पॉट है। पिछले एक साल में यहां 15 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।
मुख्य कारण हैं- खराब सड़कें, अंधेरा और तेज रफ्तार। प्रशासन ने वाहनों की
चेकिंग बढ़ाने का वादा किया है। NHAI ने ग्रामीण मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने का
ऐलान किया। लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार की कमी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि VIP वाहनों पर GPS ट्रैकिंग अनिवार्य होनी चाहिए।
पुलिस कार्रवाई और अपडेट
चिलुआ ताल पुलिस ने IPC 304A (लापरवाही से मौत) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
गाड़ी की तलाश में ड्रोन और स्थानीय मुखबिर तैनात। पूर्व विधायक से पूछताछ की संभावना।
जिलाधिकारी ने मृतक परिवार को 5 लाख राहत राशि देने का आदेश दिया।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है,
बल्कि सड़क सुरक्षा और VIP संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
महाराजगंज में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।
लेटेस्ट अपडेट्स और जांच की प्रगति के लिए बने रहें