महराजगंज हादसा
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के नौतनवा क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एसएसबी की 66वीं बटालियन में तैनात सफाईकर्मी बंदना के पति अमरीश कुमार ने अपने दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी और फिर खुदकुशी कर ली। कमरे की दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में पति ने पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही लिखा कि वह बच्चों को खुद से दूर नहीं रख सकता था। यह घटना सोमवार सुबह सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है।
घटना का पूरा विवरण और सुसाइड नोट
मूल रूप से गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी अमरीश कुमार की शादी करीब 7 वर्ष पहले महमूदपुर थाना जंगीपुर क्षेत्र की बंदना से हुई थी। शादी के बाद बंदना एसएसबी में सफाईकर्मी के रूप में भर्ती हो गईं। दोनों से दो बच्चे हुए – बेटी कंचन और बेटा अमरेंद्र। बंदना की तैनाती पहले पश्चिम बंगाल की 53वीं बटालियन में थी, जहां से पिछले साल उन्हें नौतनवा की 66वीं बटालियन में ट्रांसफर किया गया।
नौतनवा आने के बाद परिवार पहले बाईपास क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था, फिर कुछ महीने पहले गांधी नगर वार्ड में शिफ्ट हो गया। अमरीश घर पर ही रहकर बच्चों की देखभाल करते थे। सोमवार सुबह जब बंदना ड्यूटी पर गईं, तब अमरीश ने बच्चों की हत्या कर दी और खुद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
कमरे की दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में अमरीश ने पत्नी बंदना पर किसी अन्य व्यक्ति से अफेयर का आरोप लगाया है। नोट में लिखा है – “पत्नी का अफेयर है, बच्चों से दूर नहीं रह सकता।” उन्होंने पत्नी के मायके वालों पर भी उन्हें सह देने का जिक्र किया। बच्चों को मारने की वजह खुद से उन्हें अलग न रख पाने की भावना बताई गई है।
पुलिस जांच और परिवार की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही नौतनवा पुलिस मौके पर पहुंची। एसएसपी महराजगंज और
एसपी सिटी ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि कुछ महीनों से पति-पत्नी के बीच कलह चल रही थी।
बंदना ड्यूटी पर रहती थीं, जबकि अमरीश घर पर बच्चों के साथ अकेले रहते थे।
परिवार का आरोप है कि बंदना पर लगे आरोपों की सच्चाई जांच में सामने आएगी।
समाज में बढ़ती पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव
यह घटना उत्तर प्रदेश में बढ़ती पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव और घरेलू विवादों का गंभीर उदाहरण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में काउंसलिंग और परिवारिक सहयोग की कमी बड़ी वजह बनती है।
दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। लोग सोशल मीडिया पर
इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।
महराजगंज की इस घटना ने एक बार फिर परिवारिक रिश्तों में
विश्वास की कमी और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की
जरूरत को उजागर किया है। पुलिस जांच जारी है और जल्द ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
दो निर्दोष बच्चों की मौत पर पूरा समाज शोक में डूबा है। ओम शांति।
