लखनऊ में यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के दौरान
यूपी बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर सख्ती: 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट नदारद, वेतन रोका गय
लखनऊ में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाओं के दौरान ड्यूटी में लापरवाही का मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपनी ड्यूटी स्थल पर अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 19 मजिस्ट्रेटों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण में सामने आई लापरवाही
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की नकल रोकने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। ये मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर स्थायी रूप से मौजूद रहकर निगरानी करते हैं। लेकिन जब वरिष्ठ अधिकारियों ने अचानक निरीक्षण किया तो 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर नदारद मिले। कई केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की अनुपस्थिति के कारण निगरानी कमजोर पड़ी थी, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
जिलाधिकारी ने इस लापरवाही को बेहद गंभीर माना और तुरंत आदेश जारी कर दिए। सभी 19 मजिस्ट्रेटों का वेतन रोकने के साथ-साथ उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा ड्यूटी में अनुपस्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ भी है।
प्रशासन की सख्ती और स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा ड्यूटी में कोई भी लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारी परीक्षा केंद्रों पर लगातार मौजूद रहना और नकल,
अनुचित साधनों पर रोक लगाना है। अनुपस्थिति पाए जाने पर वेतन रोकने के अलावा आगे की कार्रवाई भी होगी।
प्रशासन ने सभी मजिस्ट्रेटों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना होने पर
निलंबन, पद से हटाने और अन्य सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही सभी केंद्रों पर सतत निगरानी बढ़ा दी गई है और रैंडम निरीक्षण जारी रखे जाएंगे।
छात्रों और अभिभावकों में राहत
यह कार्रवाई छात्रों और अभिभावकों के बीच राहत की सांस लेकर आई है। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में
नकल और अनुचित साधनों की शिकायतें आम हैं, और मजिस्ट्रेटों की
अनुपस्थिति से नकल को बढ़ावा मिल सकता था। प्रशासन की सख्ती से उम्मीद जगी है कि
इस बार परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होंगी।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई अनुशासन और
जिम्मेदारी का संदेश देती है। जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश है कि
परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही करने वालों को कोई छूट नहीं मिलेगी।
Read this post :यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी का दावा – योगी सरकार में नकल का नामोनिशान नहीं, पिछली सरकारों में ठेके पर होती थी नकल