आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था चरमरा गई
लखनऊ में शुक्रवार सुबह अचानक आए आंधी-पानी ने राजधानी की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई इलाकों में तार टूटे, बिजली के पोल गिरे और 11 केवी तथा 33 केवी लाइनों में फॉल्ट आ गया। इससे शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बत्ती गुल हो गई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
आंधी-पानी का कहर: तार-पोल टूटने से बिजली गुल
शुक्रवार सुबह मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस दौरान तेज हवाओं से कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, जिनकी वजह से बिजली की लाइनों पर गिरकर तार टूट गए और पोल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा गंभीर रही, जहां पेड़ों के गिरने से 11 केवी और 33 केवी फीडरों में फॉल्ट आ गया।
शहर के कई प्रमुख इलाकों में भी बिजली सप्लाई बाधित हुई। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में बिजली विभाग की टीमों ने तेजी से काम किया और 1 से 4 घंटे के भीतर बिजली बहाल कर दी। लेकिन कुछ दूरदराज इलाकों में सुधार में देरी हुई, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
जनजीवन पर सीधा असर, दैनिक कार्य प्रभावित
बिजली गुल होने से घरों, दफ्तरों, अस्पतालों और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ा।
- पानी की मोटरें बंद होने से पानी की समस्या
- मोबाइल चार्जिंग और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित
- छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई बाधित
- ग्रामीण इलाकों में दूध-दही जैसे उत्पाद खराब होने का खतरा
लोगों ने सोशल मीडिया पर बिजली न आने की शिकायतें कीं और बिजली विभाग से त्वरित बहाली की मांग की।
बिजली विभाग की टीमों ने किया त्वरित सुधार
लखनऊ बिजली विभाग (LESA) और ग्रामीण क्षेत्रों में यूपी पावर कॉरपोरेशन की टीमें मौके पर पहुंचीं। पेड़ हटाने, तार जोड़ने और फॉल्ट सुधारने का काम तेजी से किया गया। विभाग ने बताया कि अधिकांश फॉल्ट सुबह 10-11 बजे तक क्लियर हो गए थे। हालांकि, कुछ जगहों पर पोल बदलने और बड़े फॉल्ट सुधारने में समय लगा।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि खुले में न रहें, पेड़ों के नीचे न खड़े हों और
बिजली गिरने से बचाव के उपाय अपनाएं।
अधिक अपडेट के लिए लखनऊ बिजली विभाग की हेल्पलाइन या स्थानीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।
